
जब राजीव गांधी की सरकार में एक साथ 63 सांसद हुए थे सस्पेंड, जानें- संसदीय इतिहास में निलंबन की बड़ी घटनाएं
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लोकसभा और राज्यसभा से सोमवार को विपक्ष के 78 सांसदों को सस्पेंड कर दिया. इनमें से 33 सांसद लोकसभा और 45 राज्यसभा से थे. ऐसे में जानते हैं कि संसदीय इतिहास की निलंबन की वो घटनाएं, जब एकबार में दर्जनों सांसदों को कर दिया गया था सस्पेंड.
संसद के शीतकालीन सत्र में सोमवार को जोरदार हंगामा हुआ. हंगामे के चलते संसद के दोनों सदनों से 78 सासंदों को सस्पेंड कर दिया गया. इनमें से 33 लोकसभा और 45 राज्यसभा सांसद हैं.
जानकारी के मुताबिक, लोकसभा से जिन सांसदों को निलंबित किया गया है, उनमें से 30 संसद के पूरे शीतकालीन सत्र तक सस्पेंड रहेंगे. बाकी तीन- के. जयकुमार, विजय वसंत और अब्दुल खालिक को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक सस्पेंड किया गया है. इन तीनों पर स्पीकर के पोडियम पर चढ़कर नारेबाजी करने का आरोप है.
इसी तरह, राज्यसभा से जिन 45 सांसदों को आज सस्पेंड किया गया है, उनमें से 34 को पूरे सत्र और 11 को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक निलंबित किया गया है.
अब तक दोनों सदनों से कुल 92 सांसदों को सस्पेंड किया जा चुका है. इनमें 13 लोकसभा और 46 राज्यसभा सांसद हैं.
सांसदों के निलंबन पर विपक्ष भी आक्रामक हो गया है. तृणमूल कांग्रेस ने तंज कसते हुए सोशल मीडिया X पर लिखा कि लोकसभा से सांसदों के निलंबन के बाद हम मान सकते हैं कि बीजेपी और गृहमंत्री अमित शाह कंफर्ट जोन में रह रहे हैं.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लिखा कि सरकार से जवाबदेही की मांग करने पर इतने सारे सांसदों को निलंबित होते देखना चौंकाने वाला है.

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