
जब कर्ज में डूबे थे तारक मेहता के 'सोढ़ी', ना मांगी मदद-ना जिंदगी से हारे, कैसे किया था गुजारा?
AajTak
गुरुचरण सिंह ने बताया कि वो कितनी मुश्किलों से घिरे हुए थे, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी. ना ही उन्होंने कभी खुद को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोचा. वो हमेशा लड़ने में विश्वास रखते हैं. मुसीबत का सामना कर आगे बढ़ना ही उनका एकमात्र मकसद है.
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' फेम गुरुचरण सिंह कई दिनों से लापता हैं. पिता की शिकायत पर पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है. इसके बाद से ही गुरुचरण को लेकर कई थ्योरी सामने आ रही हैं. कहा ये भी जा रहा है कि वो डिप्रेशन में थे. लेकिन साथ काम करने वाले एक्टर्स का मानना है कि ऐसा हो ही नहीं सकता. गुरुचरण एक जिंदादिल इंसान हैं.
एक पुराने इंटरव्यू में भी गुरुचरण के इस जिंदादिल छवि की एक झलक देखने को मिली है. यहां वो खुद बताते दिख रहे हैं कि वो कितनी मुश्किलों से घिरे हुए थे, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी. ना ही उन्होंने कभी खुद को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोचा. वो हमेशा लड़ने में विश्वास रखते हैं. मुसीबत का सामना कर आगे बढ़ना ही उनका एकमात्र मकसद है.
जब कर्जदार हुए 'सोढ़ी'
गुरुचरण ने 'द पीएस राठौर टॉल्क शो' को दिए इस इंटरव्यू में अपने करियर स्ट्रगल से लेकर अपने मुसीबत के दिनों को याद कर कई किस्सों का जिक्र किया था. गुरुचरण ने कहा था- शुक्रगुजार हूं कि मेरी जिंदगी में कितने ही चैलेंजेस आए, मुझे कभी ये नहीं लगा कि भगवान की मुझपर कृपा नहीं है. ये हमेशा आया कि भगवान मेरे साथ है, हमेशा मुझे हिम्मत दे रहे हैं.
''ऐसा भी एक दौर आया जब अंदर से हालत खराब थी. पैसा भी नहीं था और धीरे धीरे कर्जे चढ़ते जा रहे थे. मतलब ऐसा हो गया था कि क्या करूं क्या ना करूं. हमारा एक प्लॉट था जिस पर केस चल रहा था, हम पर कर्जा चढ़ता जा रहा था. तो हम रोज जाते थे कि कुछ बेचकर आते हैं. सब उसका फायदा उठाते थे. अब देखिए भगवान कैसे मदद करते हैं. मुझे कर्जदारों ने घेर लिया था. अब उनकी गलती भी नहीं है उन्हें भी अपने पैसे चाहिए. तो हमको बार बार सुनना पड़ता था. अब सुना नहीं जा रहा था. हालत ये थी कि आप दिल से उनको पैसा वापस करना चाह रहे हो लेकिन पैसा नहीं है.''
'ठान लिया सुसाइड नहीं करूंगा'













