
छत्तीसगढ़ में जादू-टोना के संदेह में हुई थी 65 वर्षीय महिला की हत्या, 4 गिरफ्तार
AajTak
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक परिवार के 4 लोगों ने जादू-टोना के संदेह में एक 65 वर्षीय महिला की हत्या कर दी थी. हालांकि, राज दफनाने के लिए चारों ने शव को जंगल ले जाकर आत्महत्या का रूप देने के लिए पेड़ से लटका दिया था.
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के एक गांव में एक परिवार के चार सदस्यों ने जादू-टोना करने के संदेह में 65 वर्षीय एक महिला की कथित तौर पर हत्या कर दी. इस बात की जानकारी पुलिस ने मंगलवार को एक न्यूज एजेंसी को दी. सूरजपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो ने बताया कि 14 नवंबर को ओडगी थाना क्षेत्र के सावरवा गांव में हुई हत्या के आरोप में पुलिस ने सोमवार को एक दंपति और उनके दो बेटों को गिरफ्तार किया.
आरोपियों की पहचान प्राण साईं (59), उनकी पत्नी मुन्नी बाई (57), उनके बेटे मुकेश (18) और मुकुम (23) के रूप में हुई है. अधिकारी ने बताया कि प्राण साईं के एक और बेटे ने तीन-चार साल पहले आत्महत्या कर ली थी और परिवार का मानना है कि यह मौत पीड़ित नानकी बाई द्वारा किए गए काले जादू का नतीजा थी.
यह भी पढ़ें: पुरानी रंजिश, चाकू से हत्या, और अब एनकाउंटर... देवरिया के विशाल सिंह मर्डर केस का मुख्य आरोपी रजा खान गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
14 नवंबर को मुकेश ने बुजुर्ग महिला को घर बुलाया और उसे शराब पिलाई, जिसके बाद मुन्नी बाई ने पीड़ित पर जादू-टोना करके उसके बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया.
अधिकारी ने बताया कि मुकेश ने कथित तौर पर महिला पर कुल्हाड़ी से हमला किया और उसके भाई ने उसका गला घोंट दिया. इसके बाद परिवार शव को पास के जंगल में ले गया और आत्महत्या का रूप देने के लिए उसे पेड़ से लटका दिया.
ग्रामीणों ने 16 नवंबर को शव देखा और पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद से ही पुलिस मामले की जांच कर रही थी. वहीं, सोमवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









