
चेन्नै: 'विग्नेश की मौत अगर पुलिस कस्टडी में हुई तो यह हत्या है', SC/ST आयोग ने DGP को भेजीं सिफारिशें
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25 वर्षीय विग्नेश की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उसके शरीर पर 13 चोटों के निशान हैं. हालांकि अभी मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है. पुलिस का दावा है कि विग्नेश की मौत दौरा पड़ने से हुई है. वहीं परिवार का आरोप है कि पुलिस प्रताड़ना के बाद उसकी मौत हुई है.
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर ने कहा कि अगर विग्नेश की हिरासत में मौत हुई है तो यह हत्या है. अरुण हलदर शुक्रवार को तमिलनाडु के सचिवालय कॉलोनी थाने पहुंचे जहां हिरासत में विग्नेश की मौत हो गई थी. थाने का निरीक्षण करने के बाद उपाध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि पुलिस के मुताबिक विग्नेश और सुरेश आदतन अपराधी हैं. लेकिन मैंने पुलिसवालों से कहा कि आपने गिरफ्तार कर जेल भेजने के बजाए उनकी हत्या क्यों कर दी? अगर पुलिस की पिटाई के बाद विग्नेश की मौत हुई तो आपको इसे हत्या कहना होगा.
5 पुलिस अफसरों को निलंबित करें डीजीपी
विग्नेश की मौत के मामले में आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर ने डीजीपी को एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर उन्हें गिरफ्तार करने को कहा है. साथ ही इस मामले में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा है.
पीड़ित परिवारों को सुरक्षा दी जाए
आयोग ने सिफारिश की है कि ऑटो चालक सुरेश और विग्नेश के परिवार को पुलिस सुरक्षा दी जाए. इसके अलावा सुरेश को घटना के दिन दायर सभी आरोपों से मुक्त कर तुरंत रिहा कराएं. इसके अलावा किसी सरकारी स्पेशियलिटी अस्पताल से सुरेश का बेहतर इलाज कराया जाए.

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