
चुनाव में हारी पत्नी...जीतने वालों के तानों से परेशान होकर पति ने दे दी जान
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ओडिशा में पंचायत चुनाव में पत्नी की हार के बाद विजेता पक्ष के लोगों के तानों से परेशान होकर युवक ने खुदकुशी कर ली. इससे पहले उसका इसी बात को लेकर पत्नी से विवाद हुआ था, इस कारण पत्नी ने कीटनाशक खा लिया. पति ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पत्नी की जान तो बच गई लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर है.
ओडिशा में पंचायत चुनाव में हारने के बाद लोगों के तानों से तंग आकर खुदकुशी करने का मामला सामने आया है. यहां एक शख्स ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. वहीं उसकी पत्नी ने भी जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी की कोशिश की लेकिन वह बच गई और इस समय अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है. दरअसल, यह महिला पंचायत चुनाव में हार गई थी जिसके बाद विजेता पक्ष के लोग महिला के पति को ताने मारने लगे थे.
मरने वाले शख्स की पहचान रमाकांत परिदा के रूप में हुई. जबकि उनकी पत्नी सुमति परिदा इस समय कटक के एससीबी अस्पताल में भर्ती हैं. पुलिस ने बताया कि भद्रक जिले के बासुदेवपुर प्रखंड के पद्मपुर ग्राम पंचायत के रमाकांत परिदा का रविवार शाम को विजय जुलूस निकालने के दौरान अशोक नायक के समर्थकों से विवाद हो गया.
पत्नी ने खा लिया कीटनाशक दरअसल सत्तारूढ़ बीजद का समर्थन प्राप्त अशोक नायक ने पिछले महीने के अंत में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पंचायत समिति सदस्य के पद के लिए परिदा की पत्नी सुमति को हराया था. पुलिस ने बताया, "विजेता उम्मीदवार के समर्थक रविवार शाम को विजय रैली निकाल रहे थे. उन्होंने रमाकांत को वहां देखा तो उन्हें पत्नी की हार को लेकर ताना मारने लगे. इसके बाद रमाकांत निराश हो गए और घर जाकर उनकी पत्नी से भी लड़ाई हो गई. जिसके बाद पत्नी ने कीटनाशक खा लिया.''
पत्नी के बाद रमाकांत ने लगा ली फांसी पत्नी की हालत देखकर रमाकांत ने भी गले में फंदा लगाकर फांसी लगा ली. रमाकांत को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जबकि उनकी पत्नी की हालत बिगड़ने पर उसे कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया गया. परिदा के परिवार ने सोमवार को इस मामले में स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
रमाकांत नहीं चाहते थे पत्नी से चुनाव लड़वाना भद्रक पुलिस एसपी चरण सिंह मीणा ने इंडिया टुडे को बताया, ''हमने मामला दर्ज कर लिया गया है. प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि रमाकांत आर्थिक स्थिति अच्छी ना होने के चलने अपनी पत्नी से चुनाव नहीं लड़वाना चाहते थे. और जब पत्नी की हार हो गई और उन्हें ताना मारा गया तो घर आकर इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया.''

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