
चार साल की सजा के बाद अब जाएगी अफजाल अंसारी की सांसदी, इन नेताओं की लिस्ट में हुए शामिल
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गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आ गया है. मुख्तार अंसारी को दोषी करार देने के बाद अब कोर्ट ने उनके भाई और बसपा सांसद अफजाल अंसारी को भी दोषी करार दिया है और 4 साल की सजा सुनाई है.
गाजीपुर से बसपा के लोकसभा सांसद अफजाल अंसारी की सांसदी जाना तय हो गया है. गाजीपुर की MP MLA कोर्ट ने गैंगेस्टर एक्ट में अफजाल अंसारी को 4 साल की सजा सुनाई है. इससे पहले मुख्तार आज ही कोर्ट ने अफजाल के भाई मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा सुनाई थी और 5 लाख का जुर्माना भी लगाया था.
गैंगस्टर का ये मामला करंडा थाना और मुहम्मदाबाद थानों से बनाए गए अपराधिक मुकदमों के गैंगचार्ट पर आधारित था. भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में दर्ज केस के आधार पर ही अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगा था.
सजा के बाद अब अफजाल अंसारी की लोकसभा सदस्यता जानी तय है. वह गाजीपुर से बसपा सांसद हैं. दो साल से ज्यादा की सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि कानून के तहत सदन की सदस्यता चली जाती है. हाल ही में राहुल गांधी को जब कोर्ट ने 2 साल की सजा सुनाई गई थी तो उसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता चले गई थी.
1951 में जनप्रतिनिधि कानून आया था. इस कानून की धारा 8 में लिखा है कि अगर किसी सांसद या विधायक को आपराधिक मामले में दोषी ठहराया जाता है, तो जिस दिन उसे दोषी ठहराया जाएगा, तब से लेकर अगले 6 साल तक वो चुनाव नहीं लड़ सकेगा. धारा 8(1) में उन अपराधों का जिक्र है जिसके तहत दोषी ठहराए जाने पर चुनाव लड़ने पर रोक लग जाती है. इसके तहत, दो समुदायों के बीच घृणा बढ़ाना, भ्रष्टाचार, दुष्कर्म जैसे अपराधों में दोषी ठहराए जाने पर चुनाव नहीं लड़ सकते. हालांकि, इसमें मानहानि का जिक्र नहीं है.
- दोषी साबित होने के बाद नोटिफिकेशन जारी होता है और सांसद या विधायक की सदस्यता चली जाती है. हालांकि, इसे तब से से लागू माना जाता है जब दोषी साबित हुए तीन महीने बीत हो गए हैं.
- दोषी साबित होने के बाद उस फैसले को अपील करने का समय मिलता है. अगर तीन महीने के भीतर अपील नहीं की जाती या फिर ऊपरी अदालत कन्विक्शन को निलंबित करती तो फिर उसकी सदस्यता चली जाती है.

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