
'घसीटकर ले गए 3 लड़के, फिर मारकर लटका दिया...', लखीमपुर कांड की कहानी जानिए दोनों लड़कियों की मां की जुबानी
AajTak
Lakhimpur Kheri: यूपी के लखीमपुर खीरी में दो दलित सगी बहनों के शव पेड़ से लटके मिलने के बाद उनकी मां ने तीन युवक पर हत्या का आरोप लगाया है. महिला ने कहा- तीन लड़के आए और उसकी दोनों बेटियों को घसीट कर ले गए और फिर उनका शव पेड़ से लटकता हुआ पाया गया.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में गांव के बाहर पेड़ से 2 दलित बहनों की लटकती हुई लाश मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. मृतक लड़कियों की मां का आरोप है कि बुधवार दोपहर 3 युवक उसकी बेटियों को उठाकर ले गए और फिर हत्या कर शव पेड़ से लटका दिए.
यह घटना निघासन थाना इलाके के तमोलीन गांव की है. शव मिलने के बाद लोगों ने सड़क को जाम कर दिया और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस मुर्दाबाद के नारे भी लगाए. इस दौरान एसपी संजीव सुमन से भी भीड़ की बहस भी हो गई.
एक हिरासत में :
इस मामले में पुलिस ने आरोपी छोटू को हिरासत में ले लिया है. बताया जा रहा है कि पुलिस को उसके तीन साथियों की और तलाश है. मृतक लड़कियों ने की मां ने बताया कि घटना में शामिल आरोपी पड़ोसी गांव लालपुर के रहने वाले हैं.
एसपी से लोगों की हुई बहस
निघासन चौक को सैकड़ों लोगों ने जाम कर दिया, जिसके बाद जिले के एसपी संजीव सुमन भारी पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंचे. आक्रोशित भीड़ को उन्होंने कह दिया, 'नेतागिरी मत करो'. जिसके बाद लोग और भड़क उठे. इस दौरान लोगों से उनकी बहसबाजी भी हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पुलिस ने भीड़ के बीच से शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.







