
गोंडा: देवर संग थे ममेरी भाभी के अवैध संबंध, फिर बदनामी के डर से उठाया ये कदम
AajTak
गोंडा में अवैध संबंधों के चलते युवक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई . पुलिस ने मृतक युवक की ममेरी भाभी और उसके देवर को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, फरार तीसरे आरोपी की तलाश जारी है. पुलिस ने बताया कि मृतक सुनील का शव 10 नवंबर को गन्ने के खेत में पड़ा मिला था.
उत्तर प्रदेश के गोंडा में बीते दिनों हुई सुनील कश्यप हत्याकांड का धानेपुर पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने बताया कि हत्या में शामिल मृतक युवक की ममेरी भाभी पूनम और उसके देवर आशीष को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है.
जानकारी के मुताबिक, मृतक सुनील और पूनम के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था. लेकिन कहीं बदनामी न हो जाए, इसलिए पूनम सुनील से पीछा छुड़ाना चाहती थी. पर सुनील इस बात के लिए राजी नहीं था. पूनम ने इस बारे में अपने देवर आशीष को बताया. फिर एक अन्य शख्स के साथ मिलकर दोनों ने सुनील की हत्या की प्लानिंग की. उन्होंने सुनील को घर बुलाया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर डाली. इसके बाद शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया था.
मामला धानेपुर थाना क्षेत्र के मेहनौन गांव का है. जहां गांव का सुनील कश्यप पंजाब के लुधियाना शहर में नौकरी करता था. 7 नवंबर को वह लुधियाना से अपने गांव आया था. परिजनों के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे वह घर पहुंचा. एक घंटे बाद वह मोबाइल पर किसी से बात करते हुए घर से बाहर निकला. फिर लौटकर नहीं आया.
सुनील की मां ने करवाई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज दूसरे दिन सुबह 8 नवंबर को सुनील की मां कुसमा देवी ने बेटे के लापता होने की सूचना धानेपुर थाने में दी. पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली. पुलिस लापता युवक की तलाश में जुटी थी. इसी दौरान 10 नवंबर को गांव के बाहर झाड़ियों में सुनील कश्यप का शव पाया गया.
तीसरे आरोपी की तलाश जारी सोमवार को अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज प्रजापति ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक सुनील कश्यप का उसकी ममेरी भाभी पूनम से अवैध संबंध था. वह उससे पीछा छुड़ाना चाहती थी. इसलिए पूनम ने अपने देवर आशीष और एक अन्य युवक के साथ मिलकर सुनील की गला दबाकर हत्या कर दी. पुलिस ने भाभी पूनम व एक आरोपी आशीष को गिरफ्तार किया है. वहीं, एक आरोपी फरार चल रहा है. जल्द ही उसको भी पुलिस गिरफ्तार कर लेगी. फिलहाल पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई में जुट गई है.
सुनील को लुधियाना से गोंडा बुलाया दोनों ने पूछताछ में बताया कि भाभी पूनम ने ही सुनील को लुधियाना से मिलने के लिए बुलाया था. जब सुनील गांव पहुंचा तो पूनम ने उसे घर आने को कहा. सुनील इस बात से बिल्कुल अंजान था कि उसके साथ क्या होने वाला है. जैसे ही वह पूनम के घर पहुंचा, वहां देवर आशीष और एक अन्य के साथ मिलकर पूनम ने सुनील का गला घोंट दिया. जिससे उसकी मौत हो गई. अपराध छुपाने के लिए आरोपियों ने सुनील के शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








