
गुरु गोविंद जयंती पर नेशनल हॉलीडे की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई, बोला- पहले ही इतनी धार्मिक...
ABP News
याचिकाकर्ता अखिल भारतीय शिरोमणि सिंह सभा की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा कि वर्तमान में कोई नीति नहीं है और यह सुनिश्चित होना चाहिए कि सार्वजनिक अवकाश कैसे तय किया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह की जयंती पर नेशनल हॉलीडे घोषित करने संबंधी याचिका खारिज कर दी है. मंगलवार (17 मार्च, 2026) को कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि भारत में पहले ही बहुत सी धार्मिक छुट्टियां हैं. हम सरकार को इस बारे में कोई निर्देश नहीं दे सकते. गुरु गोविंद जयंती प्रकाश पर्व के रूप में मनाई जाती है.
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि वह अखिल भारतीय शिरोमणि सिंह सभा की याचिका पर विचार करने की इच्छुक नहीं है. याचिकाकर्ता ने देश में सार्वजनिक या राजपत्रित अवकाश घोषित करने के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी करने की भी मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद कहा, 'खारिज. विस्तृत आदेश बाद में आएगा.' जस्टिस संदीप मेहता ने टिप्पणी करते हुए कहा, 'भारत छुट्टियों का हॉली देश है. उसमें और छुट्टियां नहीं जोड़ते हैं.'
याचिकाकर्ता अखिल भारतीय शिरोमणि सिंह सभा की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा कि वर्तमान में कोई नीति नहीं है और यह सुनिश्चित होना चाहिए कि सार्वजनिक अवकाश कैसे तय किया जाएगा. याचिका में केंद्र को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वह दसवें सिख गुरु गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व को राजपत्रित/सार्वजनिक अवकाश घोषित करे, जो पूरे भारत में मनाया जाए.
याचिका में कहा गया है, 'भारत में राजपत्रित अवकाश घोषित करने के संबंध में किसी भी प्राधिकारी के कोई मार्गदर्शन सिद्धांत न होने के कारण, सरकार में बैठे राजनीतिक समूहों के कहने पर अधिकारी अपनी इच्छा और पसंद के अनुसार अवकाश घोषित करते हैं, जो विशेष जनता के एक वर्ग को संतुष्ट करने के राजनीतिक उद्देश्य के लिए होता है.













