
गुड़ी पड़वा से एक माह तक केवल 100 रुपये में राशन बांटेगी महाराष्ट्र सरकार, कैबिनेट बैठक में फैसला
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महाराष्ट्र सरकार ने आज कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया है कि अंबेडकर जयंति और गुड़ी पड़वा के अवसर पर एक योजना शुरु कर एक महीने के लिए केवल 100 रुपये में राशन बांटेगी. बताते चले कि गुड़ी पड़वा मराठी न्यू ईयर के रूप में मनाया जाता है.
महाराष्ट्र सरकार अंबेडकर जयंति और गुड़ी पड़वा के अवसर पर एक योजना शुरु कर एक महीने के लिए केवल 100 रुपये में राशन बांटेगी. आज कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया है. बताते चले कि गुड़ी पड़वा मराठी न्यू ईयर के रूप में मनाया जाता है. गौरतलब है कि प्रदेश सरकार के इस फैसले से 1 करोड़ 63 लाख राशन कार्ड धारकों को लाभ पहुंचेगा. इससे पहले पिछली बार दीवाली पर राशन बांटा गया था.
दिए जा रहे इस राशन में 1 किलो रवा, 1 किलो चना दाल, 1 किलो चीनी और 1 लीटर ताड़ का तेल होगा. ये राशन जहां भी ई- पोज सिस्टम नहीं है वहां ऑफलाइन बांटा जाएगा.
अंत्योदय खाद्य योजना, प्रधान कुटुम्ब योजना के तहत नागपुर संभाग के औरंगाबाद, अमरावती और वर्धा जिले सहित कुल 14 किसान सुसाइड प्रोन जिलों में राशन कार्ड धारक गरीबी रेखा से नीचे के किसानों को प्राथमिकता पर कवर किया जाएगा. राशन देने के लिए आवश्यक राशन सामग्री की खरीद के लिए ऑनलाइन पोर्टल महा टेंडर के माध्यम से 21 दिन के स्थान पर 15 दिन में टेंडर प्रोसेस करने की स्वीकृति दी गई है.
इधर, राशन को लेकर केंद्र की ओर से भी योजना जारी है. बीते दिसंबर में केंद्र सरकार ने गरीबों को मुफ्त अनाज दिए जाने को लेकर कैबिनेट में बड़ा फैसला लिया. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत देश के 80 करोड़ लोगों को मिलने वाले मुफ्त राशन को एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया है. इससे केंद्र सरकार को 2 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राशन के लिए गरीबों को एक भी रुपये नहीं देना होगा. इस योजना पर सरकार हर साल 2 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है.

दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड की पात्रता सीमा बढ़ाकर वार्षिक पारिवारिक आय 1.20 लाख रुपये कर दी है, जिससे लंबे समय से खाद्य सुरक्षा से वंचित गरीब परिवारों को राहत मिलेगी. नए नियमों के तहत आय प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा, सेल्फ वेरिफिकेशन खत्म किया गया है और संपत्ति, आयकर, सरकारी नौकरी, चार पहिया वाहन व अधिक बिजली खपत वालों को योजना से बाहर रखा गया है.

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