
गाजा में सीजफायर पर नेतन्याहू की वॉर कैबिनेट में मतभेद, इजरायली वित्त मंत्री ने कहा- ये शर्मनाक सरेंडर होगा!
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इजरायल की वॉर कैबिनेट के बीच मतभेद खुलकर सामने आया गया है. रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज कहना है कि यदि सरकार बंधकों की रिहाई के समझौते को रोकती है, तो उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं रह जाएगा. वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोटरिच ने कहा है कि समझौता करना ये एक शर्मनाक सरेंडर होगा.
पिछले 7 महीने से जारी इजरायल-हमास जंग को रुकवाने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास तेज हो गए हैं. गाजा संकट के हल के लिए सऊदी अरब और मिस्र में बातचीत का दौर जारी है. इस बीच गाजा में संघर्ष विराम और बंधकों की रिहाई को लेकर इजरायली मंत्रियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं.
इजरायल की वॉर कैबिनेट में शामिल रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज ने कहा है कि यदि इजरायल सरकार बंधकों की रिहाई के समझौते को रोकती है तो उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं रहेगा. वहीं वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोटरिच ने कहा कि सरकार समझौते के लिए तैयार होती है तो ये एक शर्मनाक सरेंडर होगा.
इसके साथ ही इजरायली वित्त मंत्री ने कहा कि यदि रफाह पर इजरायल का नियोजित हमला टाल दिया जाता है तो मौजूदा सरकार को जारी नहीं रखा जा सकता. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन किर्बी ने कहा है कि इजरायल ने भरोसा दिया है कि वो रफाह में हमला नहीं करेगा.
जॉन किर्बी ने कहा, ''सचिव ब्लिंकन इस अस्थायी संघर्ष विराम पर जोर देना जारी रखे हैं. यह उनकी प्राथमिकता में सबसे उपर है. हम चाहते हैं कि ये सीजफायर करीब छह सप्ताह तक चले. इस दौरान सभी बंधक को रिहा कराया जा सकता है और जरूरी जगहों पर सहायता पहुंचाई जा सकती है.''
गाजा और मिस्र के सीमा पर मौजूद रफाह ही एक ऐसा इलाका है जहां अबतक इजरायली सैनिक नहीं पहुंचे हैं. गाजा के दक्षिण में मौजूद रफाह शहर पर इजरायली हमले को रोकने के लिए इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास जारी है.
यदि ये समझौता हो जाता है तो हमास इजरायली बंधकों को छोड़ देगा. इसके बदले में इजरायल रफाह में अपने प्रस्तावित सैन्य अभियान को रद्द कर देगा. रफाह शहर में इस समय करीब दस लाख से अधिक लोग रह रहे हैं. इनमें से अधिकतर गाजा के बाकी हिस्सों से भागकर यहां पहुंचे हैं.

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