
गांव, किसान, मुसलमान और UCC... पीएम मोदी ने सेट कर दिया 2024 चुनाव का एजेंडा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी के प्रचार अभियान का आगाज कर दिया है. पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर चुन-चुनकर हमला बोला तो वहीं गांव, किसान, मुसलमान, भ्रष्टाचार और यूनिफॉर्म सिविल कोड पर भी बात की. पीएम मोदी ने चुनावी शंखनाद करते हुए 2024 चुनाव को लेकर एक तरह से बीजेपी का एजेंडा सेट कर दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बूथ लेवल कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर चुन-चुनकर वार किए. पीएम मोदी के पूरे संबोधन के दौरान फोकस गांव, किसान, मुसलमान, भ्रष्टाचार, यूनिफॉर्म सिविल कोड पर रहा जिसके चुनावी मायने निकाले जाने लगे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवारवाद को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा कि अगर आपको अपने बेटे-बेटियों की चिंता हो तो बीजेपी को वोट दें. पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को परिवारवाद और भ्रष्टाचार के मसले पर घेरा तो वहीं युद्ध के दौर में भी महंगाई के नियंत्रित होने का दावा किया. पीएम ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी दो बार घटाने का भी जिक्र किया और विपक्ष पर बेवजह हो-हल्ला करने का आरोप लगाया.
पीएम मोदी ने आयुष्मान भारत योजना और जेनरिक दवा की दुकानों के कारण लोगों को हो रही बचत के आंकड़े भी गिनाए. पीएम मोदी ने कल्याणकारी योजनाओं को लेकर लोगों के बीच जाने का संदेश दिया. प्रधानमंत्री के पूरे संबोधन का सार देखें तो केंद्र में गांव, किसान, मुसलमान, भ्रष्टाचार और यूनिफॉर्म सिविल कोड ही रहे.
गांव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत 2047 तक तभी विकसित होगा जब गांव विकसित होगा. उन्होंने लाभार्थियों को लेकर कहा कि हमारा लक्ष्य किसी लाभार्थी को एक योजना का लाभ देना नहीं बल्कि शत-प्रतिशत कवरेज का है. वह जिस भी योजना के लिए पात्र है, उस योजना का लाभ पाना उसका अधिकार है. पीएम ने बूथ कार्यकर्ताओं को ये देखने के लिए कहा कि कोई लाभार्थी किस-किस योजना के लिए पात्र है. इससे लोगों की सेवा भी हो जाएगी और बीजेपी का काम भी.
पीएम मोदी के गांव पर फोकस के पीछे राजनीति के जानकार मुख्य रूप से तीन वजहें मान रहे हैं. पहला ये कि गांवों में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या अधिक है. दूसरा कभी शहरी क्षेत्र की पार्टी मानी जाने वाली बीजेपी ने 2014 चुनाव के बाद से ग्रामीण इलाकों में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और इसे बरकरार रखने की कोशिश है. तीसरी वजह है ग्रामीण इलाकों की लोकसभा सीटें, ग्रामीण वोटर का की फैक्टर होना.

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