
गांधी के सपने से राम मंदिर के मुद्दे तक... मल्लिकार्जुन खड़गे और शिवराज सिंह चौहान में जुबानी जंग तेज
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कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा से संबंधित एक रैली मध्य प्रदेश के बदनावर में की जा रही थी. इस दौरान खड़गे ने शिवराज सिंह चौहान के तंज का जिक्र किया. खड़गे ने कहा कि, "शिवराज चौहान 15 दिन पहले गुलबर्गा आए थे. उन्होंने कहा कि खड़गे और राहुल गांधी कांग्रेस को नष्ट करने के लिए काम कर रहे हैं.
भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे में बुधवार को तीखी बहस हुई. इस दौरान दोनों ने ही एक-दूसरे पर हमलावर रहे. कांग्रेस प्रमुख ने पूछा कि विधानसभा चुनाव के बाद चौहान को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से क्यों हटना पड़ा. दरअसल इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि, खड़गे और राहुल गांधी महात्मा गांधी की इच्छा के अनुसार सबसे पुरानी पार्टी को भंग कर रहे हैं.
कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा से संबंधित एक रैली मध्य प्रदेश के बदनावर में की जा रही थी. इस दौरान खड़गे ने शिवराज सिंह चौहान के तंज का जिक्र किया. खड़गे ने कहा कि, "शिवराज चौहान 15 दिन पहले गुलबर्गा आए थे. उन्होंने कहा कि खड़गे और राहुल गांधी कांग्रेस को नष्ट करने के लिए काम कर रहे हैं. लोगों ने मुझसे चौहान के बयान के बारे में पूछा."
"मैंने कहा, उन्हें चौहान से पूछना चाहिए कि चुनाव जीतने के बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री पद से क्यों हटाया गया. इसका क्या कारण था? क्या कारण था कि पीएम मोदी ने आपको करीब नहीं आने दिया? इस बयान पर पलटवार करते हुए, शिवराज सिंह चौहान ने X पर पोस्ट की. भाजपा नेता ने ट्वीट किया, खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है. उन्होंने कहा, 2013 के बाद से कांग्रेस 50 से अधिक चुनाव हार चुकी है और कई पूर्व मुख्यमंत्रियों और बड़े नेताओं ने सबसे पुरानी पार्टी छोड़ दी है.
"उन्हें गिनते रहिए, जब तक कि पार्टी में उंगलियों पर गिने जा सकने वाले नेता ही न रह जाएं. खड़गे जी, अब मुझे बताएं कि क्या राहुल जी और आप महात्मा गांधी के उस कथन को पूरा कर रहे हैं कि आजादी के बाद कांग्रेस को खत्म कर देना चाहिए." शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "जब पूरा देश भगवान राम की भक्ति में डूबा हुआ था, तब कांग्रेस ने अयोध्या मंदिर प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया. सनातन धर्म और भगवान राम के प्रति नफरत ही आपकी पार्टी के रसातल में जाने का कारण है."

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