
गलवान के खूनी संघर्ष का एक साल, चीन के रिटायर कर्नल ने बताया- कैसे LAC पर कम हो सकता है तनाव
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चीन के एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने प्रस्ताव दिया है कि चीन और भारत को एलएसी के सबसे खतरनाक क्षेत्रों में बफर जोन स्थापित करने का सबसे साहसिक कदम उठाकर आगे बढ़ना चाहिए.
भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर तनाव कम हुआ है, लेकिन हालात जस के तस हैं. इस बीच चीन के एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने प्रस्ताव दिया है कि चीन और भारत को एलएसी के सबसे खतरनाक क्षेत्रों में बफर जोन स्थापित करने का सबसे साहसिक कदम उठाकर आगे बढ़ना चाहिए. भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुए खूनी संघर्ष के एक साल पूरा होने पर हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट अखबार में लिखे लेख में पीपल्स लिबरेशन आर्मी के रिटायर कर्नल झोउ बो ने कहा कि यह खूनी संघर्ष इस मायने में भयानक था कि यह दोनों देश हथियार का इस्तेमाल न करने के दशकों पुराने समझौते को तोड़ने के करीब आ गए थे.
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