
'गंदी राजनीति न करें, दिल्ली की बेहतरी पर दें ध्यान', LG पर सीएम आतिशी का पलटवार
AajTak
दिल्ली के एलजी ने अपने पूर्ववर्ती केजरीवाल के विपरीत कई विभागों की जिम्मेदारी लेने के लिए सीएम आतिशी की सराहना की है. उन्होंने आतिशी से कहा है कि केजरीवाल सरकार की विफलता का ठीकरा उनके नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार पर फोड़ा जाएगा. उन्होंने मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना पर दिल्ली सरकार के स्टैंड के विपरीत आम आदमी पार्टी के भ्रामक दावों पर भी चिंता जताई है.
दिल्ली के एलजी (उप राज्यपाल) विनय कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री आतिशी को पत्र लिखकर अरविंद केजरीवाल द्वारा उनको 'एडहॉक सीएम' बताए जाने पर निराशा जताई थी. एलजी ने अपने पूर्ववर्ती केजरीवाल के विपरीत कई विभागों की जिम्मेदारी लेने के लिए सीएम आतिशी की सराहना भी की. दिल्ली की मुख्यमंत्री ने एलजी के इस पत्र पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, 'आप गंदी राजनीति करने की जगह दिल्ली की बेहतरी पर ध्यान दीजिए. अरविंद केजरीवाल जी ने साढ़े नौ साल दिल्ली की बेहतरी के लिए काम किया. मैं अरविंद केजरीवाल जी द्वारा दिखाए रास्ते पर सरकार चला रहीं हूं. दिल्ली की जनता ने अरविंद केजरीवाल को बार-बार जिताया. मैं आपके द्वारा महिला सम्मान योजना में अड़ंगा डालने से महिला होने के नाते व्यक्तिगत रूप से आहत हूं.'
दिल्ली के एलजी ने आतिशी को पत्र में लिखा था, 'सर्वप्रथम मैं आपको आगामी नव वर्ष 2025 के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं. मेरी कामना है कि आप सदैव स्वस्थ रहें और प्रगति के पथ पर अग्रसर हों. आपको मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के अवसर पर भी मैंने आपको हृदय से बधाई और शुभकामनाएं दी थीं, और तब से अब तक की अवधि में मैंने अपने ढाई साल के कार्यकाल में पहली बार मुख्यमंत्री पद पर आसीन व्यक्ति को मुख्यमंत्री का काम करते देखा. जहां आपके पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री के पास सरकार का एक भी विभाग नहीं था और न ही वह फाइलों पर हस्ताक्षर किया करते थे, वहीं आपने अनेक विभागों का दायित्व लेते हुए प्रशासन के विभिन्न मुद्दों पर काम करने का प्रयास किया.'
यह भी पढ़ें: 'महिला सम्मान योजना' को रेड फ्लैग, दिल्ली चुनाव के लिए पंजाब से पैसा आने का आरोप... LG की चिट्ठी की 3 बड़ी बातें
आतिशी को एडहॉक CM कहना अपमान
वीके सक्सेना ने आगे लिखा, 'परंतु कुछ दिन पूर्व आपके पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा मीडिया में आपको सार्वजनिक रूप से एक अस्थायी और कामचलाऊ मुख्यमंत्री घोषित किया जाना मुझे बहुत आपत्तिजनक लगा और मैं इससे आहत हुआ. यह न केवल आपका अपमान था, बल्कि आपकी नियोक्ता महामहिम भारत की राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधि के रूप में मेरा भी अपमान था. अस्थायी अथवा कामचलाऊ मुख्यमंत्री की जो सार्वजनिक व्याख्या केजरीवाल ने की उसका कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है और यह बाबा साहब अंबेडकर द्वारा रचित संविधान में निहित लोकतांत्रिक भावना और मूल्यों की निंदनीय अवहेलना भी है.'
दिल्ली के एलजी ने आतिशी को लिखे पत्र में कहा, 'यह सर्वविदित है कि आपको किन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री बनाया गया. पिछले दस सालों में यमुना की बदतर हालत हो या पीने के पानी की भयंकर कमी, कचरे के पहाड़ों का मुद्दा हो या औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, सड़कों और सीवर लाइन की दुर्दशा हो या चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था, अनाधिकृत कॉलोनियों में सुविधाओं का घोर अभाव हो या झुग्गी बस्तियों में नारकीय जीवन, एक मुख्यमंत्री द्वारा, जिसको अस्थाई और काम चलाऊ घोषित किया जा चुका हो, तीन-चार महीने में कुछ भी कर पाना कितना संभव है यह सभी जानते हैं. इन क्षेत्रों में अपनी विफलताओं को आपके नेता ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार भी किया है, परंतु मुख्यमंत्री के रूप में अब इन सभी क्षेत्रों में विफलताओं की जिम्मेदारी आपकी ही मानी जाएगी.'

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










