
खत्म होगी वेटिंग की झंझट, रेलवे लॉन्च करेगा 3000 नई ट्रेनें! रेल मंत्री ने बताया प्लान
AajTak
रेल भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि वर्तमान में, रेलवे से सालाना लगभग 800 करोड़ यात्री यात्रा करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि हमें चार से पांच साल में क्षमता बढ़ाकर 1,000 करोड़ करनी होगी क्योंकि आबादी बढ़ रही है.
भारतीय रेलवे को देश की लाइफ लाइन कहा जाता है. हर रोज बड़ी संख्या में लोग इससे यात्रा करते हैं. त्योहरों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने से कई बार लोगों को टिकट नहीं मिल पाता और लोगों को यात्रा करने में परेशानी होती है. ऐसे में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को बताया कि भारत में अगले चार से पांच सालों के अंदर 3000 नई ट्रेनें लॉन्च करेगा. इन ट्रेनों के लॉन्च होने से यात्री क्षमता मौजूदा 800 करोड़ से बढ़ाकर 1,000 करोड़ हो जाएगी.
3000 ट्रेनों होंगी लॉन्च साथ ही, रेल मंत्री ने कहा कि यात्रा का समय कम करना उनके मंत्रालय का एक और लक्ष्य है. रेल भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि वर्तमान में, रेलवे से सालाना लगभग 800 करोड़ यात्री यात्रा करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि हमें चार से पांच साल में क्षमता बढ़ाकर 1,000 करोड़ करनी होगी क्योंकि आबादी बढ़ रही है.
हर साल 5,000 कोच का हो रहा निर्माण यात्रियों की क्षमता बढ़ाने कि लिए 3000 अतिरिक्त ट्रेनें लॉन्च होंगी जिससे यात्रियों की बढ़ी हुई संख्या को समायोजित किया जा सकेगा. रेलवे के सूत्रों की मानें तो वर्तमान में 69,000 नए कोच उपलब्ध हैं और हर साल रेलवे द्वारा लगभग 5,000 नए कोच का निर्माण करवाया जा रहा है. सूत्रों ने कहा कि इन सभी प्रयासों से रेलवे हर साल 400 से 450 वंदे भारत ट्रेनों के अलावा 200 से 250 जोड़ी नई ट्रेनें चला सकता है.
यात्रा के समय को कम करने पर भी हो रहा काम रेल मंत्रालय ने कहा कि यात्रा के समय को कम करने के लिए भी रेलवे काम कर रहा है. इसके लिए रेलवे स्पीड और रेल नेटवर्क को बढ़ाने का कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि लंबे रूट की ट्रेन की गति बढ़ाने और धीमी करने में लगने वाले समय को कम करना महत्वपूर्ण है क्योंकि निर्धारित ठहराव के अलावा, मार्ग में कई मोड़ों पर ट्रेन की गति कम करनी पड़ती है.
रेल मंत्री ने बताया कि यदि हम राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली-कोलकाता रूट लेते हैं, और यदि हम मोड़ों और स्टेशनों पर ट्रेन की गति बढ़ाने और धीमी करने के समय में सुधार करते हैं तो अभी लगने वाले टाइम के मुकाबले हम दो घंटे और 20 मिनट बचा सकेंगे. उन्होंने बताया कि वंदे भारत में ट्रेन की गति बढ़ाने और घटाने में लगने वाला समय बाकी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों से चार गुना बेहतर है. यही वजह है कि वंदे भारत यात्रा में कम समय लेती है.
वैष्णव ने कहा कि ट्रेनों की गति बढ़ाने और घटाने के समय में सुधार पुश-पुल कान्फिगरेशन मोड नामक तकनीक से संभव है. हम इस तकनीक को उन सभी कोचों पर लागू करने की योजना बना रहे हैं जो अब निर्मित किए जा रहे हैं.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.

आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना की. उद्देश्य था हिंदू धर्म और दर्शन को बचाना और आगे बढ़ाना. ऐसा हुआ भी. लेकिन पिछली एक सदी में कई और शंकराचार्य पीठ गढ़ ली गईं. इन पर बैठने वालों में कलह आम हुई. चुनावी लाभ, उत्तराधिकार का झगड़ा, राजनीतिक हस्तक्षेप, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं ने इस पद को धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक बना दिया है.





