
क्या पूर्व PM नेहरू ने सच में भारतीयों को बताया था 'आलसी'? पढ़ें- 65 साल पुराना वो भाषण
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पीएम मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए नेहरू का जिक्र किया. मोदी ने कहा कि 1959 में लाल किले की प्राचीर से नेहरू ने भारतीयों को आलसी बताया था. उन्होंने कहा कि दरअसल देश के प्रथम प्रधानमंत्री इस देश के लोगों को आलसी और कम अक्ल समझते थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष विशेष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधा. इस दौरान मोदी ने कांग्रेस के कैंसिल कल्चर (Cancel Culture) को आड़े हाथों लेते हुए देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर भी आरोप लगाए.
पीएम मोदी ने 1959 में लाल किले की प्राचीर से नेहरू के संबोधन का जिक्र करते हुए कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री इस देश के लोगों को आलसी और कम अक्ल समझते थे.
मोदी ने कहा कि मैं आपको पढ़कर सुनाता हूं कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले की प्राचीर से क्या कहा था. नेहरू ने कहा था कि हिंदुस्तान में काफी मेहनत की आदत आमतौर पर नहीं है. हम इतना काम नहीं करते थे, जितना कि यूरोप, जापान, चीन, रूस या अमेरिका वाले करते हैं. ये ना समझिए ये कौमें जादू से खुशहाल हुई, वे मेहनत और अक्ल से हुई हैं. मोदी ने आगे कहा कि इसका मतलब है कि नेहरू जी सोचते थे कि भारतीय आलसी हैं और यूरोपीय लोगों के मुकाबले उनमें बुद्धि कम है. लेकिन क्या सच में नेहरू भारतीयों को आलसी समझते थे? आइए जानते हैं कि नेहरू ने 1959 के अपने संबोधन में क्या कहा था.
नेहरू ने आखिर लाल किले की प्राचीर से क्या कहा था?
जवाहरलाल नेहरू ने 1959 में स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में लाल किले की प्राचीर से कहा था कि भारत में मेहनत करने की आदत कमोबेश नहीं रही है. यह हमारा दोष नहीं है, कई बार इस तरह की आदतें बन जाती हैं. लेकिन तथ्य ये है कि हम उतनी मेहनत नहीं करते हैं, जितनी यूरोप, जापान, चीन, रूस या अमेरिका के लोग करते हैं. ऐसा नहीं है कि ये देश किसी जादू से रातोंरात विकसित हो गए हैं. ये देश मेहनत और अपने कौशल के बूते विकसित हुए हैं.
पीएम मोदी ने सोमवार को कहा था कि भारतीयों को आलसी समझने की नेहरू की सोच के समान ही पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की धारणा भी थी.

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