
क्या आप भी बेडरूम में सुखाते हैं गीले कपड़े? साइलेंट किलर बन सकती है ये आदत
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सर्दियों में या फिर बारिश के मौसम में अक्सर लोग घर के अंदर कपड़े सुखाने लग जाते हैं. वो उन्हें घर के हर एक कोने में टांग देते हैं लेकिन क्या आपने सोचा है कि यह आदत आपके लिए खतरनाक हो सकती है और आपकी सेहत को कई नुकसान पहुंचा सकती है.
सर्दियों और बारिश के दिनों में जब बाहर सूरज की रोशनी का नामोनिशान नहीं होता तो हर कोई गीले कपड़े घर के अंदर सुखाने लग जाता है. घर के कमरों को कपड़ों से पाटना आपको सामान्य लग सकता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके लिविंग रूम या बेडरूम में टंगे गीले कपड़े आपके घर की हवा को नुकसानदायक बना सकते हैं. यह तरीका न केवल आपके घर की दीवारों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि यह आपके परिवार की सेहत के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है.
गीले कपड़े सूखते समय हवा में नमी छोड़ते हैं जिससे घर के अंदर का वातावरण उमस भरा और भारी हो जाता है. अत्यधिक नमी के कारण दीवारों के कोनों, अलमारी के पीछे और छतों पर काली फफूंद जमने लगती है जो घर के स्ट्रक्चर को कमजोर करती है.
घर के अंदर कपड़े सुखाना क्यों है खतरनाक
घर के अंदर कपड़े सुखाने से अस्थमा, हे फीवर और पहले से किसी एलर्जी से जूझ रहे लोगों की सेहत को खतरा हो सकता है. ब्रिटेन के मैकिन्टोश स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर की गई एक स्टडी में भी इसका जिक्र किया गया था. इस स्टडी के दौरान रिसर्च टीम ने पाया कि कई घरों में अंदर बहुत ज्यादा नमी थी. इस नमी का एक तिहाई हिस्सा घर के अंदर कपड़े सुखाने की वजह से था.
ग्लासगो स्थित मैकिन्टोश एनवायरनमेंटल आर्किटेक्चर की रिसर्च यूनिट ने इसके लिए 100 घरों में स्टडी की थी. इसमें उन्होंने पाया था कि 87% लोग ठंडे मौसम में अपने कपड़े घर के अंदर सुखाते थे.
घर के अंदर कपड़े सुखाने से फफूंदी कैसे बनती है जब गीले कपड़े घर के अंदर सूखने के लिए टांग दिए जाते हैं तो वो आसपास की हवा में लगभग दो लीटर पानी छोड़ते हैं. पर्याप्त वेंटिलेशन के बिना यह नमी वहीं बनी रहती है जिससे दीवारों, छतों और यहां तक कि कपड़ों में भी फफूंदी लग जाती है.

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