
कौन है दिल्ली का वो शख्स, जिसके साथ हुई सबसे बड़ी साइबर ठगी... एक महीने में गंवाए 23 करोड़
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दिल्ली के साउथ इलाके गुलमोहर पार्क में अकेले रहने वाले शख्स को साइबर अपराधियों ने करीब 1 महीने तक डिजिटल कैद में रखा. ठगों ने इस शख्स से 23 करोड़ रुपये की ठगी कर डाली. 1 अगस्त से 16 सितंबर तक साइबर ठगों ने इस शख्स को लगातार धमकाया, बैंक खाते और स्टॉक्स से पैसा हड़प लिया. जानिये कौन है ये शख्स और कैसे हुई इतनी बड़ी ठगी, जानिये पूरी कहानी...
देश में बड़ा डिजिटल अरेस्ट केस दिल्ली से सामने आया है. यहां एक शख्स लगभग 1 महीने तक साइबर क्रिमिनल्स की डिजिटल 'कैद' में रहा. और इसी के साथ ठगों ने 23 करोड़ रुपये हड़प लिए. इस पीड़ित शख्स का नाम नरेश मल्होत्रा है, जो एक रिटायर बैंकर हैं. नरेश मल्होत्रा साल 2020 में सेवा से रिटायर हुए थे. वे साउथ दिल्ली के गुलमोहर पार्क इलाके में अकेले रहते हैं.
नरेश मल्होत्रा के साथ ठगी की ये कहानी 1 अगस्त 2025 को शुरू हुई. उनके पास एक कॉल आया. कॉल पर एक महिला थी, जिसने कहा कि वह मोबाइल सेवा कंपनी के हेडक्वार्टर से बात कर रही है. कॉल पर कहा गया कि नरेश का लैंडलाइन नंबर कॉम्प्रोमाइज हो गया है और मुंबई में उनके नाम पर बैंक खाते खुले हैं. उन्हें बताया गया कि पुलवामा केस में 1,300 करोड़ की टेरर फंडिंग हुई है, और NIA एक्ट के तहत उन्हें अरेस्ट किया जा रहा है.
इसके बाद साइबर अपराधियों ने नरेश को लगातार धमकाया. कहा गया कि उनकी सारी प्रॉपर्टी सीज की जाएगी, बैंक खाते, एफडी, लॉकर्स, शेयर और बच्चों की जानकारी साझा करनी होगी. हर दो घंटे पर जांच होगी और अगर किसी से बात करेंगे तो एंटी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जाएगा.
एक महीने की डिजिटल कैद
साइबर अपराधियों ने 1 अगस्त से 16 सितंबर तक लगभग 45 दिन तक नरेश को मानसिक और डिजिटल रूप से 'कैद' में रखा. उन्होंने नरेश के घर और बैंक खाते की हर छोटी-बड़ी जानकारी मांगी. उन्हें मोबाइल पर वीडियो कॉल से जुड़े रहने के लिए कहा गया और बार-बार चेतावनी दी गई कि अगर आदेशों का पालन नहीं किया तो गिरफ्तारी होगी.
मल्होत्रा की निजी जिंदगी को भी निशाना बनाया गया. बेटियां शादीशुदा, पत्नी का देहांत हो चुका था और दो बेटे हैं. उन्होंने इन सब बातों को जानकर और डराते हुए नरेश को अकेला और असहाय महसूस कराया.

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