
कौन हैं शेख तमीम बिन हमद अल-थानी... जिनके लिए प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पहुंचे पीएम मोदी
AajTak
ब्रिटेन से उच्च शिक्षा हासिल कर कतर लौटने पर तमीम बिन हमद को साल 2003 में क्राउन प्रिंस बनाया गया था. इसके बाद 2009 में उन्हें सेना में डिप्टी कमांडर इन चीफ का पद मिला था. कतर में खेलों को बढ़ावा देने में उनका अहम रोल माना जाता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम को प्रोटोकॉल तोड़कर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी की अगवानी करने के लिए इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पहुंचे. ऐसे मौके कम आते हैं कि जब पीएम मोदी किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का स्वागत करने के लिए खुद एयरपोर्ट जाते हैं. लेकिन भारत और कतर के रिश्तों को मजबूती देने के लिए पीएम ने बड़ा दिल दिखाया है.
दो दिन की भारत यात्रा पर कतर के अमीर
कतर के अमीर अल-थानी दो दिन की राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं. इस दौरान वह पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और इस दौरान दोनों देशों के बीच अहम समझौते भी हो सकते हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक कतर के अमीर का मंगलवार को राष्ट्रपति भवन परिसर में औपचारिक स्वागत किया जाएगा और इसके बाद दिल्ली के हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ उनकी बैठक होगी. कतर के अमीर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी के न्योते पर अल-थानी अपने दूसरे भारत दौरे पर आए हैं. इससे पहले उन्होंने मार्च 2015 में दिल्ली की यात्रा की थी. भारत और कतर के बीच हाल के वर्षों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति समेत कई क्षेत्रों में मजूबत संबंध स्थापित हुए हैं. इस दौरे पर भी कुछ अहम समझौतों पर मुहर लग सकती है. कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी दुनिया के 9वें सबसे अमीर शासक हैं, उनके पास करीब 335 अरब डॉलर की संपत्ति है.
कौन हैं तमीम बिन अल-थानी
तीन जून 1980 को कतर के दोहा में जन्मे तमीम बिन अल-थानी अपने पिता शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के बाद 25 जून 2013 को कतर के अमीर बने थे. ब्रिटेन में पढ़ाई कर चुके तमीम बिन हमद ने कतर की सेना में भी अपनी सेवाएं दी हैं. 44 साल के तमीम न सिर्फ कतर के सबसे युवा अमीर हैं बल्कि दुनियाभर में उनकी गिनती सबसे युवा राष्ट्राध्यक्षों में होती है. उन्होंने तीन शादियां की हैं और अलग-अलग पत्नियों से उनकी 13 संतान हैं.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










