
कौन हैं 'रंगाधारी'? जिनका प्रसाद घर की शादीशुदा बेटियों को भी नहीं दिया जाता! जानिए इसके पीछे का सच? दुनिया का सबसे धार्मिक देश कौन? भारत है टॉप 5 में, पर नंबर 1 पर कौन? देखें लिस्ट
ABP News
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के गांवों में आस्था का एक अलग अंदाज देखने को मिलता है. ब्राह्मण परिवार के गोसाई घरों में देवी-देवताओं के साथ पीर बाबा और रंगाधारी नाम की संरक्षक आत्मा की पूजा होती है.
बिहार और पूर्वी उत्तर-प्रदेश के कई गांवों में पूजा-पाठ करने का तरीका शहरों से काफी अलग होता है. यहां के मंदिर सजे-धजे कमरे या संगमरमर की मूर्तियों से सुशोभित नहीं होतीं, बल्कि कई घरों में मिट्टी से बनी छोटी-छोटी पिंडियों की पूजा की जाती है.
एक ब्राह्मण परिवार के गोसाई घर में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला था. वहां देवी-देवताओं की तस्वीरें या कैलेंडर नहीं लगे थे, बल्कि मिट्टी की गोल पिंडियां रखी थीं. एक पिंडी पर सिंदूर लगा होता था, जिसे शीतला माता कहा जाता था, पास में ही मजार जैसी एक आकृति थी, जिसे परिवार के सदस्य 'पीर बाबा' का स्थान बताते थे.
ग्राणीण इलाकों में यह बात सामान्य है कि, हिंदू परिवार में भी किसी स्थानीय पीर या बाबा को घर का संरक्षक माना जाता है. इन क्षेत्रों में पहचान से अधिक भरोसा और परंपरा मायने रखती है.
दुनिया का सबसे धार्मिक देश कौन? भारत है टॉप 5 में, पर नंबर 1 पर कौन? देखें लिस्ट













