
कोरोना: 650 में से केवल 70 जिलों में बढ़ रहे हैं एक्टिव केस, 90 फीसदी में उतार पर
AajTak
देश के अलग-अलग हिस्सों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. लेकिन करीब 70 जिले ऐसे हैं, जहां हाल ही में एक्टिव केस में बढ़ोतरी देखने को मिली है.
देश में कोरोना वायरस का असर अब काफी हदतक कम हो रहा है. लगातार देश में नए मामलों में कमी देखने को मिल रही है. एक वक्त पर जहां चार लाख केस एक दिन में आ रहे थे, वो संख्या अब 50 हज़ार प्रति दिन तक पहुंच गई है. इस बीच राहत की खबर ये है कि देश के करीब 90 फीसदी जिले ऐसे हैं, जहां अब कोरोना के केस नेगेटिव ट्रेंड में हैं यानी यहां गिरावट लगातार जारी है. अंग्रेज़ी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 650 जिलों के उपलब्ध डाटा में से करीब 90 फीसदी जिलों में कोरोना के केस कमी की ओर हैं. 12 जून से 19 जून के हफ्ते में सिर्फ 70 जिले ऐसे हैं, जहां कोरोना के केस बढ़ रहे हैं. करीब 27 जिलों में एक्टिव केस की संख्या 100 तक बढ़ी है, जबकि 18 जिलों में अभी सिंगल डिजिट में बढ़ोतरी है. सबसे ज्यादा बंगाल के जिलों में बढ़ रहे केस जिन 70 जिलों में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, उनमें से 23 जिले पश्चिम बंगाल से आते हैं. ये पिछले एक हफ्ते में ही बढ़ोतरी हुई है, उससे पहले बंगाल में भी एक्टिव केस कम होने लगे थे. बंगाल में अब 23 हजार के करीब एक्टिव केस हैं, जो देश में आठवें स्थान पर है. लेकिन अगर नए केसों की बात करें तो अब बंगाल में 3000 से कम केस आ रहे हैं, लेकिन रिकवर होने वालों की संख्या भी घटी है जो चिंता का विषय है. बंगाल के अलावा मणिपुर, मिजोरम ऐसे राज्य हैं जहां एक्टिव केसों में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है. वहीं, अगर महाराष्ट्र की बात करें तो यहां मुंबई, पालघर, बुलढाना, सांगली, औरंगाबाद और परभनी में एक्टिव केस बढ़े हैं. मुंबई में पहले एक्टिव केस कम होने लगे थे, लेकिन पिछले एक हफ्ते में फिर बढ़ोतरी हुई है. गौरतलब है कि अधिकतर राज्यों में कोरोना के केस कम होने के बाद अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. ऐसे में अब एक बार फिर बाजारों में भीड़ बढ़ने लगी है, ऐसे में सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है. पूरे देश की बात करें तो अभी भी सात लाख से ज्यादा एक्टिव केस देश में हैं.
उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









