
कोरोना संक्रमण का एक और साइड इफेक्ट: अब मल के रास्ते ब्लीडिंग के 5 मामले आए सामने, एक की मौत
ABP News
सर गंगाराम अस्पताल के डॉ अनिल अरोड़ा के मुताबिक पिछले 45 दिनों में कोरोना के पांच मरीजों में साइटोमेगालो वायरस की वजह से मल के रास्ते में ब्लीडिंग के
नई दिल्ली: दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में कोविड-19 मरीजों में साइटोमेगालो वायरस (सीएमवी) की वजह से मल के रास्ते में ब्लीडिंग के पांच मामले सामने आए हैं. कोविड-19 इम्युनोकोम्पेटेंट रोगियों में साइटोमेगालो वायरस के कारण होने वाली रेक्टल ब्लीडिंग के पांच मामलों की भारत में ये पहली रिपोर्ट है. पांच में से एक मरीज की मौत हो गई है. सर गंगाराम अस्पताल के डॉ अनिल अरोड़ा, चेयरमैन, इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड पैन्क्रियाटिकोबिलरी साइंसेज के मुताबिक पिछले 45 दिनों में कोरोना के पांच मरीजों में ये देखा गया है. ये सभी मरीज कोविड-19 के उपचार के 20 से 30 दिनों के बाद पेट में दर्द और मल में खून बहने की परेशानियों के साथ सर गंगा राम अस्पताल पहुंचे जो कि कोविड का संकेत नहीं है. उनमें से किसी के पास इस वायरल संक्रमण के लिए जिम्मेदार अन्य प्रतिरक्षात्मक स्थितियां नहीं थीं जैसे कि ट्रांसप्लांट, कैंसर, एड्स आदि के मरीजों में इम्यूनिटी कम होने से होती है.More Related News

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