
ईरान के एक्शन से नाराज हुए खाड़ी देशों के शेख, अमेरिका के साथ जंग में उतरने को तैयार ये दो मुस्लिम मुल्क?
ABP News
द वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार कुछ वीडियोज में जाहिर तौर पर यह भी पता चला कि ईरान पर हमले में इस्तेमाल की गईं मिसाइलें बहरीन से दागी गई थीं.
अमेरिका, इजरायल और ईरान की जंग में अब दो बड़े मुस्लिम देश भी कूदने की तैयारी कर रहे हैं और इस जंग में ये देश अमेरिका का साथ दे रहे हैं. यानी अब एक मुस्लिम देश के खिलाफ दो मुस्लिम देश खड़े हो गए हैं. द वॉल स्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने के लिए कुछ कदम उठाए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब ने अमेरिकी सेना को अपना किंग फाहद एयर बेस इस्तेलाम करने की इजाजत दे दी है, जबकि पहले उसने ईरान के खिलाफ अपने एयर बेस इस्तेमाल करने से साफ इनकार कर दिया था. उधर, यूएई ने देश में एक ईरानी हॉस्पिटल और क्लब को बंद कर दिया है, जिसका असर तेहरान से जुड़े एक नेटवर्क पर पड़ा है. तेहरान के लिए ये ठिकाने बेहद अहम बताए जा रहे हैं.
अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए, जिनमें सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार कुछ वीडियोज भी सामने आई हैं, जिनसे पता चला है कि ईरान पर दागी गई मिसाइलें बहरीन से लॉन्च की गई थीं. हालांकि, अमेरिका की तरफ से इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि खाड़ी देश ईरान के खिलाफ जंग में उसके साथ हैं.
कूटनीतिक मोर्चे पर सऊदी अरब ने ईरान के सैन्य अटैची और चार दूतावास कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है. उसने ईरान पर अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता के उल्लंघन का आरोप लगाया है. इसके अलावा, यूएई ने बताया है कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम ईरान की ओर से हो रही गोलाबारी को रोकने की कोशिश कर रहा है.

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