
कोरोना का कहर! कानपुर के एक गांव में 15 दिन में 30 लोगों की मौत
AajTak
कानपुर से 50 किलोमीटर दूर घाटमपुर के परास गांव में सन्नाटा पसरा है. हर कोई खौफजदा है. दरअसल, गांव में बीते 15 दिन में ही करीब 30 लोगों की जान चली गई.
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक शहर कानपुर से 50 किलोमीटर दूर घाटमपुर का परास गांव. यह गांव कानपुर की सबसे बड़ी ग्रामसभा है. अकेले इस गांव की आबादी 10 हजार है. कोरोना के कारण पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है. हर कोई खौफजदा है. दरअसल, गांव में बीते 15 दिन में ही करीब 30 लोगों की जान चली गई. किसी को 2 दिन पहले बुखार आया, अचानक से तबीयत बिगड़ी, सांस उखड़ने लगी, जब तक अस्पताल ले जाते दम तोड़ दिया तो कई तो ऐसे थे जो दिन भर अस्पताल के बाहर डॉक्टर साहब से दवा लेने के इंतजार में ही बैठे रहे और शाम को दम तोड़ दिया. उन्हीं में से एक राकेश सविता भी थे. राकेश सविता की मौत भी अचानक से आए बुखार और फिर इलाज न मिलने के चलते हो गई. राकेश के भतीजे तो सरकारी अस्पतालों की बदहाली को ही बयां कर चाचा की मौत का जिम्मेदार ठहराते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. इसके साथ ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत पर के नतीजे पर आगे का फैसला होगा. वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है.

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.











