
कोरोना: कंटीले तार, तारों में करंट और सेंसर्स, देश से भाग रहे नागरिकों को रोकने के लिए चीन की बाड़ेबंदी
AajTak
कोरोना के कारण चीन में हालात डरावने होते जा रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि अगर यही हालात रहे तो आने वाले कुछ महीनों में लाखों लोग संक्रमित हो जाएंगे और हजारों की मौत हो जाएगी. ऐसे हालात के कारण लोग अब देश छोड़कर भागने लगे हैं. चीन के सीमाई इलाकों में रह रहे लोगों को भागने से रोकने के लिए कई हजार मील तक फेंसिंग करनी पड़ रही है.
चीन कोरोना की अब तक की सबसे बड़ी लहर का सामना कर रहा है. वहां अस्पतालों में मरीजों के लिए जगह नहीं बची, कब्रिस्तान के बाहर कारों की लंबी कतारें लग गई हैं. ऐसे माहौल ने लोगों को डरा दिया है. आलम यह हो गया है कि लोग देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे हैं.
ताजा मामला युन्नान प्रांत में देखने को मिला. यह ऐसा प्रांत है, जिसकी सीमा तीन देशों को छूती है. जीरो कोविड पॉलिसी लागू होने के बाद इस प्रांत की सीमा सुरक्षा काफी चुस्त कर दी गई है, खासतौर से रुइली शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं, क्योंकि यह म्यांमार सीमा से सटा हुआ शहर है. सीमापार करने वालों पर नजर रखने के लिए कैमरे, अलार्म, मोशन सेंसर और इलेक्ट्रिफाइड फेंस लगा दिए गए हैं.
लाओस, वियतनाम, म्यांमार से सटे इलाकों में अलर्ट
2020 में चीन ने अपने बढ़ते COVID मामलों को खत्म करने की आड़ में अपनी दक्षिणी सीमा के पास एक इलेक्ट्रिफाइड फेंस बाड़ का निर्माण शुरू कर दिया है. यह इलाका लाओस, वियतनाम और म्यांमार से सटा हुआ है. चीन कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) ने पहले इसे एक अस्थायी फेंसिंग बताया था लेकिन अब यहां के सुरक्षा ढांचे में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल रहा है.
युन्नान प्रांत में 3000 मील तक कर दी फेंसिंग
युन्नान प्रांत को कवर करने वाले चीन कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) द्वारा गठित सीमा महामारी रोकथाम और नियंत्रण विभाग हाल में बनाई गई फेंस के पास सुरक्षा को दुरुस्त करने में सबसे आगे रहा है. जिस तरह से बर्लिन ने सीमा पर दीवार खड़ी कर ली है, उसी तरह चीन ने भी बिना औपचारिक सलाह-मश्विरा के 3,000 मील तक बाड़ बना दी है.

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.

आज ईरान-अमेरिका युद्ध का 24 वां दिन है. आज युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान आया. ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर और इनर्जी के ठिकानों पर हमले नहीं होंगे. ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को युद्ध की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि ईरान की तरफ से अमेरिकी के साथ किसी तरह की बातचीत का खंडन किया गया है, ईरान का यही दावा है कि उनकी धमकी के डर से अमेरिकी राष्ट्रपति झुक गए. अब सवाल यही है क्या ट्रंप के सीजफायर से युद्ध रुक जाएगा.

गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. वह पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान की आड़ में काम कर रहा था. गिरोह के सरगना सुहेल समेत 22 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजता था, जिसके बदले 4-6 हजार रुपये मिलते थे. दिल्ली-हरियाणा में लगाए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान तक पहुंच रही थी. पुलिस जांच जारी है.

राजकोट में एक डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर निजी वीडियो रिकॉर्ड कर 25 लाख रुपये की उगाही के मामले में पुलिस ने डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने 3000 से ज्यादा वीडियो बनाकर स्थानीय पत्रकारों के जरिए ब्लैकमेल किया. राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि 11 आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

महायुद्ध के 24 दिन हो चुके हैं. खबरदार की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा यूटर्न से. डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम ऐलान किया कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को उन्होंने फिलहाल टाल दिया है. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है.








