
कॉलेज वाले प्लेसमेंट में भी नहीं बैठने देते थे... अब है पौने 2 करोड़ सैलरी! इंजीनियर ने बताया- ये कैसे हुआ?
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सोशल मीडिया पर एक इंजीनियर की कहानी चर्चा में है, जिनका दावा है कि उनकी सैलरी 3 साल में 3.2 लाख से 1.7 करोड़ हो गई है.
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक इंजीनियर अपनी सैलरी की वजह से चर्चा में है. दरअसल, उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने कुछ सालों में ही अपनी सैलरी को 3.2 लाख से 200,000 डॉलर (लगभग 1.78 करोड़ रुपये) तक पहुंचा दिया है. इंजीनियर ने दावा किया है कि वे साल का 48 हजार डॉलर यानी करीब 42 लाख रुपये इनकम टैक्स दे रहे हैं. खास बात ये है कि उनकी सैलरी सिर्फ 3 साल में ही इतनी बढ़ गई है. उनके दावे के बाद अब लोग चर्चा कर रहे हैं कि आखिर 3 साल में इतनी सैलरी कैसे बढ़ सकती है.
उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया है कि उन्होंने एक टियर-3 इंजीनियरिंग कॉलेज से 17 बैकलॉग के साथ ग्रेजुएशन किया था, जिनमें से कुछ रिपीट थे. उन्होंने बताया, 'मुझे कैंपस प्लेसमेंट में बैठने की भी अनुमति नहीं थी.' लेकिन उन्हें कंप्यूटर साइंस की अच्छी समझ थी. साथ ही उन्होंने बताया, 'साल 2020 से 2022 तक मैंने जी-जान से काम किया, वीकेंड समेत 10-14 घंटे काम किया और मुझे 3.2 लाख साल का पैकेज मिला.' उनके अनुसार, उनकी दो साल की मेहनत ने उनके भविष्य की नींव रखी.
उनका दावा है कि अभी वो वे सैन फ़्रांसिस्को शहर में अपने 15वीं मंजिल वाले अपार्टमेंट से ये लिख रहे हैं और उन्होंने अभी-अभी अपना अमेरिकी आयकर बिल कैलकुलेट किया है. उन्होंने कहा, 'उन दो सालों की अथक मेहनत ने बहुत कुछ बदल दिया. जो भी भागदौड़ करने के लिए उत्सुक हैं - तू बस काम कर भाई, फ़ालतू की एमकेसी बाजार से खरीद लेंगे.'
कैसे हुई 2 लाख डॉलर सैलरी?
उन्होंने पोस्ट के कमेंट में बताया है कि उनकी सैलरी 3.2 लाख से 200,000 डॉलर (लगभग 1.78 करोड़ रुपये) हो गई है. अपने करियर की जर्नी बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने दो साल मोबाइल, वेब और क्लाउड स्टैक पर काम करते हुए, फुल-स्टैक डेवलपमेंट और इंजीनियरिंग सीखी. फिर 2022 में, वे मास्टर डिग्री के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने LLM और Next.js जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ प्रयोग करना शुरू किया.
कोई नौकरी न होने पर, उन्होंने एक स्टार्टअप शुरू किया, लॉस एंजिल्स में मीडिया कंपनियों के लिए फ्रीलांस काम किया और बाद में सिलिकॉन वैली चले गए. नौकरी से निकाले जाने से पहले उन्होंने कुछ समय के लिए एक FAANG कंपनी के साथ कॉन्ट्रेक्ट पर काम किया. लेकिन लिंक्डइन पर उन्होंने जो नेटवर्क बनाया था, जिसमें कई Y Combinator संस्थापक शामिल थे, वह उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ. उन्होंने अपने पोर्टफोलियो के साथ संपर्क किया और उसके बाद एक कंपनी में उन्हें अच्छा पैसा और इक्विटी मिले.

चीनी मार्केट की शक्ल लगभग दो साल बाद बदल गई है. 2024 में BYD ने फॉक्सवैगन को पीछे छोड़ा था और 2025 में भी कंपनी चीनी मार्केट की टॉप कार सेलिंग ब्रांड बनी रही. हालांकि, 2026 की शुरुआत कुछ अलग हुई है. फॉक्सवैगन दोबारा चीनी मार्केट में टॉप सेलिंग ब्रांड बन गया है. कंपनी ने तमाम चीनी ब्रांड्स को पीछे छोड़ दिया है.












