
कैप्टन अमरिंदर के खिलाफ दोबारा क्यों लामबंद हुआ सिद्धू गुट? जानें इनसाइड स्टोरी
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पंजाब के इन मंत्रियों और विधायकों के कई अन्य काम भी राज्य सरकार की ओर से रोक दिए गए हैं. राज्य सरकार की ओर से नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थक विधायकों को लेकर उठाए गए इन कदमों की वजह से विधायकों और मंत्रियों में नाराजगी है.
पंजाब में कांग्रेस के बीच अंतर्कलह फिर से बढ़ती नजर आ रही है. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू गुट के बीच रार फिर बढ़ती दिख रही है. पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री तृप्त राजेंद्र सिंह बाजवा के घर पर सिद्धू गुट के करीब 20 विधायक और कैबिनेट मंत्री एकत्रित हुए थे. कैप्टन विरोधी इन विधायकों-मंत्रियों ने नवजोत सिंह सिद्धू की ताजपोशी का खुलकर समर्थन किया था.
हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










