
केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात पंजाब पुलिस को वापस भेजा गया, दिल्ली पुलिस बोली- Z प्लस सिक्योरिटी के दौरान...
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दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को Z प्लस की सुरक्षा मिली हुई है. वो दूसरे राज्य की सुरक्षा की नहीं ले सकते और न और न उनको दूसरे राज्य से सुरक्षा मिल सकती है. ये कानूनी तौर पर गलत है. अगर दूसरे राज्य के VVIP आते हैं और उनके साथ सुरक्षा होती है, तो वो भी 72 घंटे ही सिक्योरिटी रख सकते हैं.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात पंजाब पुलिस के जवानों को वापस बुला लिया गया है. दरअसल, पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है और पार्टी का प्रमुख होने की वजह से पंजाब पुलिस केजरीवाल को सुरक्षा दे रही थी.
पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि समय-समय पर हमें मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को धमकियों की रिपोर्ट मिलती रहती है और हम उन्हें संबंधित एजेंसियों के साथ साझा करते हैं. उन्होंने पटियाला में संवाददाताओं से कहा कि आज दिल्ली पुलिस और चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए हमने केजरीवाल जी की सुरक्षा में पंजाब पुलिस के जवानों को वापस बुला लिया है. पंजाब के डीजीपी ने कहा कि हमने अपनी चिंताएं बताई हैं. हम उनके संपर्क में रहेंगे. हम दिल्ली पुलिस के साथ अपने इनपुट्स शेयर करते रहेंगे.
वहीं, दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अरविंद केजरीवाल को Z प्लस की सुरक्षा मिली हुई है. वो दूसरे राज्य की सुरक्षा की नहीं ले सकते और न और न उनको दूसरे राज्य से सुरक्षा मिल सकती है. ये कानूनी तौर पर गलत है. अगर दूसरे राज्य के VVIP आते हैं और उनके साथ सुरक्षा होती है, तो वो भी 72 घंटे ही सिक्योरिटी रख सकते हैं. उसके लिए भी दिल्ली पुलिस को जानकारी देनी होती है. अगर जानकारी नहीं देते हैं, तो ये कानूनन गलत है.
केजरीवाल को मिली है जेड प्लस सुरक्षा
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस की ओर से जेड प्लस सुरक्षा दी गई है. जिसके तहत उन्हें निजी सुरक्षा अधिकारी, दो एस्कॉर्ट, वॉचर, सशस्त्र गार्ड और तलाशी स्टाफ समेत करीब 60 सुरक्षाकर्मी मिलते हैं. गृह मंत्रालय की ओर से दिल्ली पुलिस को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि पंजाब पुलिस द्वारा केजरीवाल के दिल्ली में रहने के दौरान उनकी सुरक्षा में अपने कर्मियों को तैनात करने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए.
दिल्ली पुलिस ने उठाए थे सवाल

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