
केजरीवाल और पवन कल्याण ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमले की निंदा की, कहा- इस मुद्दे पर पूरा देश भारत सरकार के साथ है
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केजरीवाल और आंध्र के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर हुए हमले की निंदा की हैं. पवन कल्याण ने कहा कि मुझे अपने हिंदू भाइयों और बहनों को पाकिस्तान, अफगानिस्तान और हाल ही में बांग्लादेश जैसी जगहों पर उत्पीड़न, हिंसा और अकल्पनीय पीड़ा सहते हुए देखकर बहुत दुख होता है.
भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में खटास लगातार बढ़ती जा रही है. रविवार को कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमले को लेकर पीएम मोदी के बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आंध्र के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कनाडा में एक हिंदू मंदिर और हिंदुओं पर हमला मन पर आघात करता है, जिससे पीड़ा और चिंता दोनों पैदा हो रही हैं.
आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा, मुझे अपने हिंदू भाइयों और बहनों को पाकिस्तान, अफगानिस्तान और हाल ही में बांग्लादेश जैसी जगहों पर उत्पीड़न, हिंसा और अकल्पनीय पीड़ा सहते हुए देखकर बहुत दुख होता है. हिंदू एक वैश्विक अल्पसंख्यक हैं और इस तरह उन पर कम ध्यान दिया जाता है, कम एकजुटता होती है और उन्हें आसानी से निशाना बनाया जाता है. उनके खिलाफ नफरत की हर कार्रवाई, दुर्व्यवहार की हर घटना उन सभी के लिए एक झटका है जो मानवता और शांति को महत्व देते हैं.
पीड़ा और चिंता पैदा करता है हमला: पवन कल्याण
उन्होंने कहा कि कनाडा में एक हिंदू मंदिर और हिंदुओं पर आज का हमला दिल पर आघात करता है, पीड़ा और चिंता दोनों पैदा करता है. मेरी आशा है कि कनाडाई सरकार वहां के हिंदू समुदाय के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाएगी. लेकिन यह एक अलग घटना से कहीं ज्यादा है. विभिन्न देशों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और घृणा की घटनाएं जारी हैं, फिर भी ग्लोबल नेताओं, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और तथाकथित "शांतिप्रिय" गैर सरकारी संगठनों की चुप्पी उनका समर्थन कर रहा है. आज नाराजगी की आवाज सुनाई दे रही हैं? हिंदुओं के लिए एकजुटता कहां है? इस अन्याय का सामना करने के लिए हम अकेले क्यों हैं?
उन्होंने ये भी कहा कि ये केवल करुणा का नहीं बल्कि, एक्शन का आह्वान है. दुनिया को हिंदुओं की पीड़ा को उसी तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ स्वीकार करने और उसका समाधान करने का आह्वान करना चाहिए जो यह दूसरों को प्रदान करता है. ह्यूमैनिटी के खिलाफ चयनात्मक करुणा का रवैया बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. आइए हम कहीं भी, किसी भी समुदाय के उत्पीड़न के खिलाफ एक संकल्प के साथ एकजुट हों.
साथ है पूरा देश: केजरीवाल

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