
किसान आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर क्या बोले राकेश टिकैत, देखें
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किसान नेता राकेश टिकैत ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव कार्यक्रम में किसान आंदोलन पर बोला कि रास्ता चलने के लिए है, रोकने के लिए थोड़ी है पुलिस की बैरिकेडिंग हटवाइए हम भी हट जाएंगे. राकेश टिकैत ने लखीमपुर खीरी मामले को लेकर कहा कि उन्होंने बीजेपी से कोई समझौता नहीं किया है बल्कि आग लगने से बचा लिया. क्योंकि घर के सामने मृत शरीर पांच दिनों तक रखकर समझौता नहीं किया जा सकता है. अंतिम संस्कार तक सारी बातें मानी गईं. मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिया गया, सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. वहीं गृहराज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए किसान नेता ने कहा कि अजय मिश्र टेनी के मंत्री रहते हुए उनके बेटे आशीष मिश्र पर लगे आरोप की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है. इसलिए गृह राज्य मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए. देखें ये वीडियो.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

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