
किसानों के बंद पर दिल्ली पुलिस को याद आया '26 जनवरी', लाल किले जाने वाले सभी रास्ते बंद
AajTak
दिल्ली में किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए सोमवार सुबह से दिल्ली पुलिस ने लाल किले की ओर जाने वाले सभी रास्तों में बैरिकैडिंग कर दी थी. बस समेत किसी भी वाहन को लाल किले की ओर जाने की अनुमति नहीं दी थी. इस रूट पर चलने वाली बसों को दूसरा रूट लेने को कहा गया था.
किसानों के भारत बंद का दिल्ली में अच्छा खासा असर देखने को मिला है. कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं, तो कई सड़कों को भी बंद कर दिया गया है. किसानों को दिल्ली में प्रवेश से रोकने के लिए कई जगह पर बैरिकैडिंग की गई है. दिल्ली का लाल किला ऐसी ही एक जगह है. बता दें कि लाल किला वो जगह है जहां पिछली बार 26 जनवरी को किसान आंदोलन के दौरान भरपूर हंगामा मचा था. इससे सबक लेते हुए आज सुबह से ही दिल्ली पुलिस ने इस इलाके को छावनी में बदल दिया था.

'सब देखते रहे, वो गोली चलाता रहा…' वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज हत्याकांड की चश्मदीद छात्रा शिवांगी सिंह का बयान सामने आया है. उसने बताया कि बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह को बचाने की कोशिश हुई, लेकिन हमलावर दोबारा लौटकर गोली मार गया. घटना के बाद कॉलेज सुरक्षा, प्रशासन की भूमिका और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिससे छात्रों में डर और आक्रोश का माहौल है.

E30 Petrol: ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग 20% से बढ़ाकर 30% तक करने की मांग की है. इसके अलावा डीजल में भी एथेनॉल ब्लेंडिंग की संभावनाओं को तलाशने की बात कही जा रही है. सरकार पहले की कह चुकी है कि, एथेनॉल ब्लेंडिंग के चलते भारत ने करोड़ो बैरल कम तेल आयात किया है.

वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चतुरंगिणी सेना सभा का गठन कर 27 सदस्यों की टीम बनाई और ‘रोको, टोको, ठोको’ का नारा दिया. माघ मेले की घटना के बाद शुरू हुई पहल में 10 महीने में भर्ती व प्रशिक्षण का खाका तैयार होगा. उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य सनातन प्रतीकों की रक्षा और समाज में सुरक्षा का भाव मजबूत करना है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. इसके साथ ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत पर के नतीजे पर आगे का फैसला होगा. वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है.









