
काबुल पर कब्जे के तीन साल... सच में बदला अफगानिस्तान का हाल या दुनिया को गुमराह कर रहा तालिबान?
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अफगानिस्तान पर तालिबान के शासन को आज तीन साल पूरे हो रहे हैं. 2021 में ठीक 15 अगस्त को ही तालिबानियों ने काबुल पर कब्जा कर लिया था. दावा तो किया था कि इस बार का शासन पिछली बार जैसा नहीं होगा.
15 अगस्त 2024. भारत अपनी आजादी की 78वीं सालगिरह मना रहा है. वहीं, पड़ोसी मुल्क अफगानिस्तान में तालिबान को दोबारा सत्ता हासिल करने के तीन साल पूरे हो रहे हैं. दोबारा सत्ता में आने के बाद तालिबान ने ढेर सारे वादे किए थे और दावा किया था कि इस बार उनका शासन पहली बार से अलग होगा. हालांकि, ऐसा हुआ नहीं.
अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था संकट से जूझ रही है, बुनियादी ढांचा ध्वस्त होता जा रहा है और गरीबी लोगों को मार रही है. लेकिन तालिबान को इससे फर्क नहीं पड़ता. अपने पहले शासन की तरह ही इस बार भी तालिबान के राज में कोड़े और पत्थर से मारने की सजा मिल रही है, महिलाओं को कॉलेज जाने और काम करने से रोका जा रहा है.
हालांकि, इन सबसे दुनिया का ध्यान हटाने के लिए तालिबान एक नई रणनीति पर काम कर रहा है. एक क्रूर और 90 के दशक के अफगानिस्तान की बजाय वो 'सुंदर' अफगानिस्तान दिखा रहा है.
2023 के आखिर में काबुल एयरपोर्ट पर दो तालिबानी सैनिकों ने ब्रिटिश यूट्यूबर हैरी जैगार्ड का स्वागत किया. एक वीडियो में वो कह रहे थे, 'मैं अमेरिका के कैलिफोर्निया की तुलना में काबुल में ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहा हूं. ये पागलपन है.'
अमेरिका में जन्मीं समांथा शिया यूट्यूब पर एक चैनल @SamanthaTaylorTravels चलाती हैं. उनके चैनल पर कई वीडियो हैं, जिनमें तालिबान राज की वाहवाही की गई है. बताया जाता है कि समांथा शादीशुदा हैं और पाकिस्तान में बस गईं हैं.
अफगानिस्तान में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए तालिबान ट्रैवल इन्फ्लुएंसर को लुभा रहा है. ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स को 12 दिन के लिए 1.5 लाख रुपये से 13 लाख रुपये के टूर पैकेज पर 50% का डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है.

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