
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर बंदरों को भगाने के लिए अपनाया गया ये अनोखा तरीका
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कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन में बंदरों के आतंक से निजात पाने के लिए डिप्टी सीटीएम हिमांशु शेखर उपाध्याय ने स्टेशन पर लंगूरों के कटआउट लगवा दिए हैं. उन्होंने बताया कि स्टेशन में लोग बंदरों के हमलों से परेशान हो गए थे. अब जहां-जहां लंगूरों के कटआउट लगे हैं वहां बंदर बहुत ही कम आ रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन में बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि उन्हें भगाने के लिए स्टेशन में लंगूरों के कटआउट लगवाए गए हैं. दरअसल, यहां बंदर अक्सर यात्रियों पर हमला कर देते हैं. ऐसे में लंगूरों के कटआउट लगवाए जाने से स्टेशन पर बंदरों का आना काफी हद तक कम हो गया है.
लंगूरों के कटआउट लगाने के पीछे का आइडिया कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के डिप्टी सीटीएम हिमांशु शेखर उपाध्याय का था. उन्होंने कहा कि हमें काफी दिनों से रेलवे स्टेशन पर बंदरों के हमलों की शिकायतें मिल रही थीं. क्योंकि बंदर लंगूरों से डरते हैं इसलिए हमने स्टेशन में लंगूरों के कटआउट लगवाए हैं.
लंगूर की आवाज वाले वॉयस चिप हिमांशु शेखर ने बताया कि जहां-जहां लंगूरों के कटआउट लगवाए गए हैं वहां बंदर बहुत ही कम आ रहे हैं. अब हम इन कटआउट्स में लंगूर की आवाज वाले वॉयस चिप भी लगाने जा रहे हैं.
स्टेशन में नुकसान पहुंचाते हैं बंदर डिप्टी सीटीएम का कहना है कि फिलहाल कुछ ही जगहों पर लंगूरों के कटआउट लगवाए गए हैं. लेकिन अब हम और भी ज्यादा कटआउट लगवाएंगे ताकि बंदरों का आतंक यहां बिल्कुल ही खत्म हो जाए. उन्होंने बताया कि बंदर लोगों पर हमला करने के साथ-साथ कई बार लोगों से सामान भी छीन लेते हैं. और रेलवे स्टेशन में लगे सूचना बोर्ड और टीवी स्क्रीन आदि को भी नुकसान पहुंचाते हैं.
लखनऊ मेट्रो के 9 स्टेशनों पर लगाए लंगूर के कटआउट वहीं, पिछले साल लखनऊ मेट्रो के 9 स्टेशनों पर जगह-जगह लंगूर के कटआउट लगाए गए थे. जिससे स्टेशनों पर बंदरों का आना कम हो गया था. स्टेशन कंट्रोलर विवेक मिश्रा ने बताया, 'शुरुआत में हमने एंग्री लंगूर के आवाज प्ले की. इससे कुछ हद तक असर हुआ लेकिन लंबे समय तक नहीं. इसलिए मैनेजमेंट ने यह डिस्प्ले लगाने का फैसला किया. जब कटआउट के साथ आवाज प्ले की गई तो लंबे समय तक इसका असर हुआ. हम इन कटआउट्स की पोजिशन रेग्युलर बदलते रहते हैं.'

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