
कांग्रेस की 'आत्मा' हिंदू... उद्धव गुट ने दी प्राण प्रतिष्ठा में जाने की सलाह, असमंजस में फंसे सोनिया-खड़गे अब क्या करेंगे?
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अयोध्या में 22 जनवरी को नए राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होनी है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को आमंत्रित किया गया है. इसके साथ ही 4 हजार संतों और 2500 प्रतिष्ठित नागरिकों को न्योता भेजे गए हैं.
अयोध्या में राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा का न्योता मिलने के बाद कांग्रेस धर्मसंकट की स्थिति है. न्योता मिलने के 15 दिन बाद भी कांग्रेस हाईकमान यह साफ नहीं कर सका कि वो कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे या नहीं. कई वरिष्ठ नेताओं के बयान यह संकेत जरूर देते हैं कि पार्टी अंतिम समय में ही फैसला लेगी. हालांकि, अब कांग्रेस के INDIA अलायंस में सहयोगी दल शिवसेना (उद्धव) ने चुप्पी तोड़ी है और कांग्रेस की आत्मा को हिंदू बताया है. इसके साथ ही प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में जाने की सलाह दी है.
बता दें कि 22 जनवरी को अयोध्या में नए राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होनी है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को आमंत्रित किया गया है. इसके साथ ही 4 हजार संतों और 2500 प्रतिष्ठित नागरिकों को न्योता भेजे गए हैं. इनमें राजनेता, एक्टर, खिलाड़ी और अवॉर्ड विजेताओं के नाम शामिल हैं. कई नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है, लेकिन वहां जाने को लेकर विपक्षी दल बंटे नजर आ रहे हैं.
'कांग्रेस को न्योता मिला है तो जाना चाहिए'
मेहमानों की सूची में उद्धव ठाकरे का नाम नहीं है. लेकिन, उनकी पार्टी ने कांग्रेस को राम मंदिर के कार्यक्रम में जाने की सलाह दी है. शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि कांग्रेस की आत्मा हिंदू है. राजनीतिक मतभेदों को दूर रखते हुए यदि विशेष निमंत्रण मिला है तो उन्हें (कांग्रेस नेता) समारोह में हिस्सा लेना चाहिए. इसमें गलत क्या है?
'तो बाबरी मस्जिद नहीं गिराई जाती'
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी में कांग्रेस की सहयोगी है और विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक की भी सदस्य है. पार्टी के मुखपत्र सामना के एक संपादकीय में शिवसेना (यूबीटी) ने बीजेपी पर कटाक्ष किया और कहा, अगर उस समय प्रधानमंत्री बीजेपी से होते तो बाबरी मस्जिद नहीं गिराई जाती. दिसंबर 1992 में जब ढांचा गिराया गया तब कांग्रेस की सरकार थी और पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे.

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