
'कांग्रेस इतनी व्यस्त है कि तारीख पर तारीख दे रही...', क्यों भड़के संजय राउत, INDIA ब्लॉक में दिखी खींचतान
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शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत का कहना था कि कांग्रेस पार्टी आजकल बहुत बिजी है. बहुत ही ज्यादा व्यस्त है. कांग्रेस नेता इतने व्यस्त हैं कि 10-10 दिन तक समय नहीं दे पा रहे हैं. तारीख पे तारीख देते जा रहे हैं.
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हैं और महायुति से मुकाबले के लिए महाविकास अघाड़ी सीट शेयरिंग के मुद्दे पर जूझ रही है. बुधवार को शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सीट शेयरिंग में देरी पर कांग्रेस नेताओं पर तंज कसा है. संजय के बयान से INDIA ब्लॉक (MVA) में सबकुछ ठीक नहीं होने की खबरों को मिला है.
संजय राउत का कहना था कि कांग्रेस पार्टी आजकल बहुत बिजी है. बहुत ही ज्यादा व्यस्त है. कांग्रेस नेता इतने व्यस्त हैं कि 10-10 दिन तक समय नहीं दे पा रहे हैं. तारीख पे तारीख देते जा रहे हैं. वो लोग व्यस्त हैं फिर भी हमने उनको बुलाया है कि अब ये मामला सुलझना चाहिए और अगले तीन दिन हम लोग बैठकर बात करेंगे.
सीट शेयरिंग पर तीन दिन तक होगी चर्चा
राउत का कहना था कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार) समेत अन्य सहयोगी दलों के साथ मुंबई में बैठक होगी और सीट बंटवारे से जुड़े मुद्दों को सुलझाया जाएगा. तीनों दलों के नेता बुधवार से शुक्रवार तक सीट बंटवारे पर बातचीत करेंगे. उन्होंने कहा, मुंबई पर बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन क्षेत्रवार चर्चा की जरूरत है क्योंकि महाराष्ट्र एक बड़ा राज्य है.
शिवसेना (यूबीटी) मुंबई की 36 सीटों में से 20-22 पर नजर गड़ाए हुए है. चूंकि, मुंबई में कांग्रेस और शिवसेना का भी सियासी आधार रहा है. ऐसे में कांग्रेस भी ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. शरद पवार की पार्टी भी मुंबई में अपनी मौजूदगी चाहती है. फिलहाल, कांग्रेस के दावेदारी ना छोड़ने से मामला उलझते दिख रहा है. मुंबई में कुल 36 विधानसभा सीटें हैं.
दरअसल, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने महाराष्ट्र की 13 सीटें जीती हैं और कई सीटों पर कांग्रेस के प्रभाव का सहयोगी दलों को सीधा लाभ पहुंचा है, जिसके बाद कांग्रेस का मनोबल बढ़ा है और वो विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी की जा रही है. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस 110- 120 सीटों पर उम्मीदवार देना चाहती है. हालांकि, MVA नेताओं का कहना है कि सीट बंटवारे का फैसला जीत की संभावना के आधार पर तय होगा.

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