
कल्पना से भी परे: विदेशी एक्सपर्ट्स ने समझाया, कैसे 2016 और 2019 से भी घातक है इंडिया का एक्शन!
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पहलगाम में हुए आतंकी हमले का हिसाब बराबर करने के लिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर एक्शन लिया है. इस बार ना सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर बल्कि मेनलैंड पाकिस्तान को भी निशाना बनाया गया है. भारतीय सेना के इसी एक्शन के बाद अब दुनियाभर के एक्सपर्ट्स बता रहे हैं कि भारत का ये हमला कितना व्यापक रहा.
जिस खबर का इंतज़ार पिछले दो हफ्तों से किया जा रहा था, बुधवार सुबह जब लोग नींद से जगे तब वो खबर उनकी मोबाइल स्क्रीन और टेलिविजन स्क्रीन पर आ चुकी थी. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के गुनहगारों को सजा देने के लिए भारतीय सेना (Indian Army) ने एक्शन ले लिया है. मंगलवार देर रात को करीब 1 से 2 बजे के बीच भारतीय वायुसेना (Indian Air Force Strike) ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हवाई एक्शन लिया है. इस एक्शन में कई आतंकी अड्डों को निशाना बनाया गया है और पाकिस्तान, पाकिस्तान में बसे आतंकी संगठनों को तबाह करने की ओर कदम बढ़ाया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही चेतावनी दी थी कि पहलगाम के गुनहगारों ने जैसा सोचा होगा, उससे भी कई गुना ज्यादा बड़ी सज़ा उन्हें दी जाएगी. और इस बार ऐसा ही हुआ है, क्यूंकि भारतीय वायुसेना, भारतीय सेना ने इस बार ना सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर बल्कि पाकिस्तान के पंजाब इलाके में भी एक्शन लिया है. भारतीय सेना द्वारा लिए गया ये एक्शन किस तरह इंडियन आर्मी की पिछली कार्रवाई से काफी बड़ा है, इस बात की गवाही अब इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स भी दे रहे हैं.
ऑपरेशन सिंदूर की पूरी कवरेज यहां क्लिक कर पढ़ें अमेरिका के विदेश नीति एक्सपर्ट और साउथ एशियाई मामलों के जानकार माइकल कुगेलमैन ने भारत के एक्शन के बाद ट्वीट किया. उन्होंने समझाया कि किस तरह 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में हुई एयर स्ट्राइक से ये एक्शन कितना अलग है. माइकल कुगेलमैन ने लिखा, 'भारत ने आज रात के मिलिट्री एक्शन को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को खतम करने का एक्शन बताया है. (ऐसा ही 2016 और 2019 के एक्शन में भी कहा गया था.) भारत का कहना है कि किसी भी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया था और जो भी एक्शन लिया गया है वो उकसाने के लिए नहीं है.'
माइकल कुगेलमैन ने आगे लिखा, 'भारत ने पाकिस्तान के ठिकानों पर जो एक्शन लिया है, वो 2019 के मुकाबले काफी बड़ा है. पाकिस्तान भी अपने हिसाब से बड़े दावे कर रहा है. ये साफ हो गया है कि अब चीज़ें 2019 के मुकाबले काफी आगे जा चुकी हैं.' अमेरिकी पत्रकार और एक्सपर्ट Sadanand Dhume ने भारतीय सेना के एक्शन के बाद एक लंबा-सा पोस्ट लिखा है, जिसमें इस एक्शन के स्केल को समझाने की कोशिश की है. Sadanand Dhume ने लिखा, 'खबरें अभी भी छंटकर सामने आ रही हैं, लेकिन ये साफ है कि भारत ने जो पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर जो मिसाइल स्ट्राइक की है, वो 2019 में किए गए हमले से काफी ज्यादा बड़ी और घातक है. इसका अंतर आपको इस तरह समझना चाहिए...
News is still filtering in, but it’s already clear that India’s missile strikes today on alleged terrorist infrastructure in Pakistan and Pakistan-controlled Kashmir are more serious than India’s 2019 strike on an alleged terrorist camp in Pakistan. Here’s how they’re different:…
1. टारगेट: बालाकोट में हुई एयरस्ट्राइक ऐतिहासिक थी, क्यूंकि भारत ने अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार किया था और ना सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर बल्कि मेनलैंड पाकिस्तान को भी टारगेट किया था. लेकिन बालाकोट में हमला करना एक बात है और इस बार हुआ बहावलपुर में हमला पूरी तरह अलग है, क्यूंकि ये पंजाब में हुआ है जो पाकिस्तान के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य का केंद्र है. और इंडिया ने ये भी कहा है कि उसने नौ ठिकानों पर हमला किया है, जो बताता है कि इस बार का स्केल कितना बड़ा हुआ है. 2. नुकसान: बालाकोट में जो एक्शन लिया गया था, उसके बाद जो नुकसान के दावे थे वो अलग-अलग थे और उनपर कई तरह के सवाल उठे थे. लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं है, क्यूंकि पाकिस्तान की तरफ से खुद ही नुकसान के सबूत दिए जा रहे हैं और सोशल मीडिया पर अंदरूने पाकिस्तान के वीडियो सामने आ रहे हैं. 3. संयम: 2019 और 2025 दोनों में भारत ने संयम बरता है. पाकिस्तान और दुनिया को पूरा संदेश देने की कोशिश की है कि आतंकी हमले के बाद हमें कुछ करना था, लेकिन हम संयम भी बरत रहे हैं. Sadanand Dhume ने अपने ट्वीट के अंत में ये भी संकेत दिए हैं कि पाकिस्तानी सेना और उसके सेना प्रमुख जो चाहते हैं, वो दुनिया के लिए बुरा नतीजा हो सकता है. Sadanand Dhume ने लिखा कि इस बार के हालात ज्यादा व्यापक हैं. ये हो सकता है कि 2019 की तरह पाकिस्तान कोई जवाबी कार्रवाई ना करे और लेकिन इस बार पाकिस्तानी सेना और उसके सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर, जो कि जंग ही चाहते हैं उस ओर भी हालात बढ़ सकते हैं. अगर पाकिस्तान कुछ भी जवाब देने की कोशिश करता है, तो इस बार मामला काफी आगे बढ़ सकता है. पहले 2016, 2019 और अब 2025! अब जब भारत ने एक्शन लिया है, तब ये भी जानना जरूरी हो जाता है कि ये पहला एक्शन नहीं है. पिछले 10 साल का ही रिकॉर्ड देखेंगे तो भारतीय सेना ने हर बार पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को उनकी हर हरकत का जवाब दिया है. 2016 में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने उरी में भारतीय जवानों को निशाना बनाया था, इसके 10 दिन बाद ही भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की और हिसाब बराबर किया.
इसके बाद 2019 में जब 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकी हमला हुआ, उसके 12 दिन बाद भारतीय आर्मी ने एयर स्ट्राइक की और सारा हिसाब बराबर कर दिया. और इस बार भी जब पाकिस्तान के आंतकी नहीं माने और उन्होंने पहलगाम में अटैक किया, तब भारत ने इस बार 15 दिन इंतज़ार किया, लेकिन जैसा पाकिस्तान की सेना और पाकिस्तान के आतंकियों ने सोचा होगा, उससे कहीं गुना बड़ा हमला किया और उसकी रातों की नींद को छीन लिया.

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