
ऑपरेशन सिंदूर: सेना ने देश का सिर ऊंचा किया और सरकार ने खोल दिया खजाना, बजट का बूस्टर
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इंडियन आर्मी के 'ऑपरेशन सिंदूर' ने पाकिस्तान पर भारत के डिफेंस पॉवर को प्रदर्शित किया. पाकिस्तान के साथ तनातनी के दौरान, भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने करीब हर आने वाली मिसाइल और ड्रोन को बेअसर कर दिया.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात देखने को मिले. इस दौरान भारत ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च किया. सूत्रों ने बताया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद रक्षा बजट में और बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसमें नए हथियार और गोला-बारूद के साथ-साथ तकनीक की खरीद पर खर्च किया जाएगा.
अनुपूरक बजट के जरिए ₹50 हजार करोड़ के अतिरिक्त प्रावधान का प्रस्ताव रखा गया है. संसद के शीतकालीन सत्र में इसे मंजूरी मिल सकती है.
अतिरिक्त आवंटन से सशस्त्र बलों की जरूरतों, जरूरी खरीद और अनुसंधान एवं विकास के लिए प्रावधान किए जाने की उम्मीद है. इस साल, डिफेंस के लिए केंद्रीय बजट में रिकॉर्ड 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 9.53 फीसदी ज्यादा है. एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद से पिछले 10 साल में रक्षा बजट में करीब तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
भारत का मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम
2014-15 में डिफेंस बजट 2.29 लाख करोड़ रुपये था. इस साल 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 13.45% है. ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान पर भारत की रक्षा क्षमताओं की श्रेष्ठता को प्रदर्शित किया. पाकिस्तान के साथ तनातनी के दौरान, भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने करीब हर आने वाली मिसाइल और ड्रोन को बेअसर कर दिया.
लंबी दूरी की रूसी एस-400 'ट्रायम्फ' सिस्टम के अलावा, भारत ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को फेल करने के लिए बराक-8 मध्यम दूरी की एसएएम सिस्टम और स्वदेशी आकाश प्रणाली को तैनात किया. पिकोरा, ओएसए-एके और एलएलएडी गन (लो-लेवल एयर डिफेंस गन) जैसी युद्ध-सिद्ध वायु रक्षा प्रणालियों का भी इस्तेमाल किया गया.

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