
एयरपोर्ट के ठेके से लेकर फॉरेन पॉलिसी तक... अडानी पर राहुल गांधी ने PM मोदी से पूछे ये सवाल
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राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल करते हुए कहा कि वे गौतम अडानी के साथ कितनी बार विदेश दौरे पर गए, अडानी को कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद कितने देशों के दौरे किए और पिछले 20 साल में अडानी ने बीजेपी को कितना चंदा दिया है? उन्होंने ये भी कहा कि कभी पीएम मोदी, अडानी के प्लेन में उड़ान भरते थे और अब अडानी, मोदी के प्लेन में उड़ान भर रहे हैं.
संसद के बजट सत्र में मंगलवार का दिन काफी गर्म रहा. संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अडानी के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. राहुल गांधी ने संसद में जब बोलना शुरू किया तो उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के मुद्दे पर अपना अनुभव साझा किया. इसी क्रम में राहुल गांधी ने कहा कि जब मैं भारत में सड़कों पर घूम रहा था तब मुझसे कई युवाओं ने कहा कि हम भी अडानी की तरह बनना चाहते हैं, स्टार्टअप करना चाहते हैं. राहुल ने युवाओं का नाम लेकर तंज कसते हुए कहा कि युवा भी जानना चाहते हैं कि कैसे किसी भी बिजनेस में घुसकर तुरंत तरक्की पाई जाए.
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल करते हुए कहा कि वे गौतम अडानी के साथ कितनी बार विदेश दौरे पर गए, अडानी को कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद कितने देशों के दौरे किए और पिछले 20 साल में अडानी ने बीजेपी को कितना चंदा दिया है? उन्होंने ये भी कहा कि कभी पीएम मोदी, अडानी के प्लेन में उड़ान भरते थे और अब अडानी, मोदी के प्लेन में उड़ान भर रहे हैं.
पीएम के विदेश दौरों पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर सवाल दागते हुए कहा कि पीएम मोदी के विदेश दौरे में अडानी कितनी बार साथ गए. उन्होंने पूछा कि आपके (पीएम मोदी) कितने दौरों के दौरान अडानी गए. आपके कितने दौरे के बाद अडानी उस देश के दौरे पर गए. और कितने देशों में आपके दौरे के बाद अडानी को कॉन्ट्रैक्ट मिले.'
एयरपोर्ट के बिजनेस में अडानी की एंट्री
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने संसद में कहा कि कुछ साल पहले केंद्र सरकार ने एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए ठेका दिया. तब नियम था कि कोई भी फर्म जिसके पास इस तरह के काम का कोई एक्सपीरिएंस नहीं है वो इस ठेके के लिए एप्लाई नहीं कर सकता है. इतने में ही संसद में माहौल गर्म हो गया और रविशंकर प्रसाद ने उठकर कहा कि एयरपोर्ट का प्राइवेटाइजेशन तो इन्हीं (कांग्रेस) की सरकार में हुआ. इसके बाद राहुल ने अपनी बात जारी रखी कि मोदी सरकार ने नियम बदला और अडानी जी को 6 एयरपोर्ट का ठेका दिया गया. उसके बाद भारत का सबसे फायदेमंद एयरपोर्ट (मुंबई एयरपोर्ट) को GBK से लेकर अडानी को दे दिया गया. राहुल ने हमला बोला कि भारत सरकार ने GBK पर सेंट्रल एजेंसियों के जरिए दवाब बनाया.

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