
एक ही दिन में राष्ट्रपति से मोदी-शाह की मुलाकात... क्या इसका 5 अगस्त से कोई कनेक्शन है?
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मॉनसून सत्र के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की, उसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी राष्ट्रपति भवन पहुंचकर मिले. एक ही दिन में मोदी-शाह की राष्ट्रपति से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं, जिसका कनेक्शन पांच अगस्त से भी जोड़ा जा रहा है.
संसद का मानसून सत्र चल रहा है. बिहार के एसआईआर पर सदन से सड़क तक संग्राम छिड़ा हुआ है. इस बीच, रविवार को पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में जाकर मुलाकात की. पीएम मोदी को मिलकर आए अभी चार घंटे भी नहीं गुजरे थे कि राष्ट्रपति मुर्मू से मिलने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रपति भवन पहुंच गए. पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह की राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर दिल्ली के पावर कॉरिडोर में सियासी चर्चा गरमा गई है.
पीएम मोदी और अमित शाह की राष्ट्रपति से हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. राष्ट्रपति से उनकी बातचीत की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन दोनों नेताओं के कद को देखते हुए यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सवाल उठने लगा है कि आखिर क्या वजह है कि सत्ता के दो सबसे ताकतवर चेहरे अलग-अलग राष्ट्रपति से मिल रहे हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात ऐसे समय की है जब अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है. इसके अलावा विपक्ष बिहार में चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रहा है. ऐसे में 5 अगस्त के साथ भी क्या इस मुलाकात का कोई कनेक्शन है, क्योंकि सोशल मीडिया पर मोदी-शाह की राष्ट्रपति से मुलाकात को जोड़कर देखा जा रहा है.
मोदी-शाह की राष्ट्रपति से मुलाकात के मायने पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू के बीच मुलाकात की वजह अभी स्पष्ट नहीं है. इस संबंध में न राष्ट्रपति भवन और न ही प्रधानमंत्री कार्यालय से जानकारी मिली है कि किस सिलसिले में मुलाकात हुई है. ऐसे में अमित शाह और राष्ट्रपति के बीच हुई मुलाकात ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. एक बड़ी वजह यह है कि ऐसी मुलाकातें आमतौर पर तो बिल्कुल नहीं हैं. आमतौर पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री राष्ट्रपति से मिलते हैं तो वह या तो औपचारिक मीटिंग होती है या किसी विशेष मौके पर एक साथ जाते हैं. एक ही दिन और कुछ घंटे के अंतर से इन दोनों नेताओं का राष्ट्रपति से मिलना सामान्य नहीं है.
राजनीति विश्लेषक और सियासत पर नजर रखने वाले मान रहे हैं कि सरकार कोई बड़ा फैसला लेने या फिर कदम उठाने पर विचार कर रही है. जगदीप धनखड़ की मॉनसून सत्र के पहले दिन उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे लेकर कोई बात हुई है. इसके अलावा माना जा रहा है कि सरकार संसद में कोई बड़ा बिल लाने वाली है, जिसे लेकर राष्ट्रपति को जानकारी देने के लिए पीएम मोदी और गृहमंत्री पहुंचे हों. हालांकि, सरकार की ओर से इस मुलाकात पर कोई बयान नहीं आया है, लेकिन इतना तय है कि सरकार कुछ बड़ा करने जा रही है.
राष्ट्रपति से मुलाकात का 5 अगस्त कनेक्शन राष्ट्रपति से द्रौपदी मुर्मू से मोदी-शाह की मुलाकात को पांच अगस्त के साथ जोड़ा रहा है. चर्चा हो रही है कि सरकार पांच अगस्त को बड़ा कोई महत्वपूर्ण विधेयक लेकर आ रही है, क्योंकि पांच अगस्त 2019 में मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म कर राज्य को दो हिस्सों में बांटने का फैसला किया था. इसके बाद पांच अगस्त 2020 को पीएम मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास किया था.

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