
एकनाथ शिंदे की पार्टी के 2 उम्मीदवारों को BJP का 'रेड सिग्नल', इन सीटों पर भी फंसा पेच
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एकनाथ शिंदे की पार्टी ने आठ उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी. बीजेपी ने आंतरिक सर्वे का हवाला देते हुए दो सीटों पर उम्मीदवार बदलने के लिए कहा है. नासिक समेत कुछ और सीटों पर भी एनडीए में पेच फंसता नजर आ रहा है.
महाराष्ट्र के सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम पर रार शुरू हो गई है. सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने आठ उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी. अब खबर है कि इस सूची के दो नाम पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऐतराज जता दिया है. दोनों ही शिवसेना के सीटिंग सांसद हैं और टिकट कटने की चर्चा के बीच एक्टिव हो गए हैं. टिकट की आस में शिवसेना के सांसदों ने मुंबई में डेरा डाल दिया है.
सूत्रों की मानें तो बीजेपी ने अपने आंतरिक सर्वे में जीत की संभावनाएं कम होने का हवाला देते हुए सीएम शिंदे से हिंगोली और हातकणंगले लोकसभा सीट से उम्मीदवार बदलने के लिए कहा है. सूत्रों के मुताबिक एकनाथ शिंदे ने अपने साथ आए सभी सांसदों को फिर से मौका देने की बात बीजेपी नेतृत्व के सामने कही है लेकिन 400 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चुनाव मैदान में उतरी बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं है.
टिकट कटने की अटकलों के बीच हिंगोली के सांसद हेमंत पाटिल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की और इसके बाद मुंबई पहुंच गए. उन्होंने सीएम शिंदे से मिलने के लिए समय मांगा है. हातकणंगले सीट से शिवसेना ने सांसद धैर्यशील माने को उतारा है. अब धैर्यशील की जगह उनकी मां निवेदिता माने को टिकट दिए जाने की चर्चा है.
नासिक सीट पर भी फंसा पेच
नासिक सीट से शिवसेना के हेमंत गोडसे सांसद हैं तो वहीं अब इस सीट पर एनसीपी और बीजेपी ने भी दावा ठोक दिया है. नासिक लोकसभा सीट के तहत जो छह विधानसभा सीटें आती हैं, उनमें से बीजेपी के पास तीन, एनसीपी (अजित पवार) के पास दो सीटें हैं और कांग्रेस का एक विधायक है. बीजेपी के सौ पार्षद भी हैं. हेमंत गोडसे दो बार के सांसद हैं और तीसरी बार भी टिकट के विश्वास के साथ प्रचार अभियान का आगाज भी कर दिया था. अब इस सीट से एनसीपी नेता छगन भुजबल की उम्मीदवारी के भी चर्चे तेज हो गए हैं.
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