
उरी-पुलवामा हो या पहलगाम... आतंक के आकाओं पर भारत का जोरदार प्रहार, मिट्टी में मिलाए आतंकी
AajTak
उरी (2016), पुलवामा (2019) और पहलगाम (2025) में हुए आतंकवादी हमलों के बाद भारत ने आतंकी सरगनाओं को ठोस और निर्णायक जवाब दिया है. इन तीनों घटनाओं के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई ने न केवल आतंकियों को करारा जवाब दिया, बल्कि वैश्विक समुदाय को भी भारत की सैन्य शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है.
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था, जिसमें भारतीय सेना ने एयरस्ट्राइक के जरिए आतंकियों के नौ शिविरों को ध्वस्त कर दिया है. इसके बाद बौखलाई पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें 10 नागरिकों की मौत हो गई और 33 लोग घायल हो गए. साथ ही भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है. आपको बता दें कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब भारत ने पाकिस्तान को उसके घर में ही खदेड़ हो. आइए जानते हैं कि आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने कब-कब प्रभावी कार्रवाई की है.
वहीं, उरी (2016), पुलवामा (2019) और पहलगाम (2025) में हुए आतंकवादी हमलों के बाद भारत ने आतंकी सरगनाओं को ठोस और निर्णायक जवाब दिया है. इन तीनों घटनाओं के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई ने न केवल आतंकियों को करारा जवाब दिया, बल्कि वैश्विक समुदाय को भी भारत की सैन्य शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है.
दरअसल, 22 अप्रैल को आतंकियों ने पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में सैलानियों को निशाना बनाते हुए हमला किया था. जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई. जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे. इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. हमले बाद भारत सरकार ने आतंकियों को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी.
पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिनों बाद 6-7 मई की दरमियानी रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए 9 शिविरों को ध्वस्त कर दिया.
ये आतंकी ठिकाने ध्वस्त
सूत्रों का कहना है कि भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर में करीब 80–90 आतंकवादी मारे गए हैं. पाकिस्तान ने इन हमलों को लेकर नागरिक हताहत होने का दावा किया.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










