
उत्तराखंड में UCC लागू करने की तैयारी, समिति ने 500 पन्नों की रिपोर्ट को दी अंतिम मंजूरी
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समिति की अध्यक्षता पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह कर रहे हैं, और यह समिति पिछले कुछ महीनों से UCC के नियम और विनियम तैयार करने पर काम कर रही थी. सोमवार को बीजापुर राज्य अतिथि गृह में समिति की अंतिम बैठक आयोजित की गई, जिसमें UCC के लिए प्रस्तावित मसौदा रिपोर्ट पर अंतिम मुहर लगाई गई.
उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के कार्यान्वयन के लिए गठित समिति ने सोमवार को अपनी 500 पन्नों की अंतिम रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा जाएगा. सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट को 7 से 10 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में UCC के कार्यान्वयन की प्रक्रिया को तेजी मिलेगी. मुख्यमंत्री धामी ने पहले ही घोषणा कर दी है कि 9 नवंबर, जो कि उत्तराखंड का स्थापना दिवस भी है, UCC के कार्यान्वयन की अंतिम समयसीमा होगी। यदि यह लागू हो जाता है, तो उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा जो यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करेगा.
समिति की अध्यक्षता पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह कर रहे हैं, और यह समिति पिछले कुछ महीनों से UCC के नियम और विनियम तैयार करने पर काम कर रही थी. सोमवार को बीजापुर राज्य अतिथि गृह में समिति की अंतिम बैठक आयोजित की गई, जिसमें UCC के लिए प्रस्तावित मसौदा रिपोर्ट पर अंतिम मुहर लगाई गई.
9 नवंबर को सीएम को पूरा ड्राफ्ट सौंपेगी कमेटी शत्रुघ्न सिंह ने दावा किया है कि हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की 9 नवंबर को UCC के कानून को पूरी तौर से धरातल पर लाने की घोषणा के साथ, लागू करने से कई दिन पहले इसका पूरा ड्राफ्ट समिति उन्हें सौंपेगी. इसके साथ ही उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां समान नागरिक संहिता लागू किया जाएगा.
13 मार्च को राष्ट्रपति ने दी थी मंजूरी इस साल फरवरी में, उत्तराखंड विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (UCC) बिल को लागू किया, जो विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों से संबंधित मुद्दों को संबोधित करता है. इसके बाद, राज्य ने नियम बनाने और कार्यान्वयन समिति का गठन किया, जिसे UCC के कार्यान्वयन ढांचे का प्रारूप तैयार करने का कार्य सौंपा गया. 13 मार्च को राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यूसीसी कानून तो बन गया, लेकिन यह कानून धारा तल पर कैसे उतरेगा इसको लेकर रूल्स एंड फ्रेमवर्क समिति ने गहन अध्ययन किया है.

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