
ईरान-इजरायल जंग अब पुतिन vs ट्रंप! जिनपिंग और कोरियाई शासक किम भी खुलकर उतरे तेहरान के सपोर्ट में
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मात्र दो दिन पहले तक ईरान को बिना शर्त सरेंडर करने का अल्टीमेटम देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपना अगला कदम तय करने के लिए 2 हफ्ते की समय सीमा ले ली है. ईरान-इजरायल वॉर में अमेरिकी एंट्री को लेकर 2 हफ्ते का विंडो देकर ट्रंप प्रशासन ने कूटनीतिक और रणनीतिक फैसला लिया है. इस बीच रूस, चीन और उत्तर कोरिया ने इस जंग के लिए इजरायल और यूएस की तीखी आलोचना की है.
ईरान-इजरायल जंग का अंजाम क्या होगा ये तय करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 हफ्ते की समयसीमा ले ली है. अमेरिका की ओर से दिया गया है ये दो हफ्ते का विंडो ट्रंप की 'रणनीतिक देरी' हैं, ताकि वे सभी विकल्पों का मूल्यांकन कर सकें. यह समय सीमा एक तरह से वार्ता और कूटनीति के लिए जगह दे रही है, जबकि सैन्य हस्तक्षेप का विकल्प खुला रखा गया है.
बता दें कि व्हाइट हाउस ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले दो हफ्तों के भीतर यह फैसला लेंगे कि अमेरिका को ईरान पर सैन्य कार्रवाई करनी चाहिए या नहीं.
ऐसे समय में जब इजरायल ईरान के साथ लड़ाई में निर्णायक बढ़त बना चुका था. इजरायल ईरान के शीर्ष मिलिट्री नेतृत्व को खत्म कर चुका था, इजरायल का ईरान के एरियल स्पेस पर लगभग पूर्ण कब्जा हो गया था, ईरान के टॉप न्यूक्लियर साइंटिस्ट मारे जा चुके थे, ऐसे नाजुक मोड़ पर ट्रंप प्रशासन का ये बयान देना ये बताता है कि ईरान-इजरायल जंग में अमेरिका की एंट्री इतनी भी आसान नहीं है.
इस फैसले को लेकर ट्रंप पर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दबाव हैं. ट्रंप प्रशासन ने ये बयान तब जारी किया है जब राष्ट्रपति कुछ ही घंटे पहले ईरान को अल्टीमेटम दे रहे थे और ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को बिना शर्त सरेंडर करने कह रहे थे. ट्रंप ने तब स्पष्ट धमकी भरे टोन में कहा था कि अमेरिका को ठीक-ठाक पता है कि ईरान का सुप्रीम लीडर कहां छिपा है. उसे आसानी से निशाना बनाया जा सकता है लेकिन अमेरिका अभी ऐसा नहीं करने वाला है लेकिन ईरान को इजरायली नागरिकों और अमेरिकी सेनाओं पर हमला करने की भूल नहीं करनी चाहिए.
लेकिन गुरुवार को व्हाइट हाउस से जारी किया गया बयान काफी हैरानी भरा था.
ट्रंप ने इजरायल के युद्ध में शामिल होने से पहले 2 हफ्ते का समय क्यों लिया. ये समझने के पहले ये जानते हैं कि इस युद्ध पर रूस, चीन और दक्षिण कोरिया ने अबतक क्या क्या कहा है.

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