
इमरान खान-बाजवा...पत्नी को टिकट नहीं मिलना, जानें कैप्टन-सिद्धू विवाद की पूरी कहानी
AajTak
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि वो अपमानित महसूस कर रहे थे. अमरिंदर के इस्तीफे के पीछे सिद्धू बड़ी वजह हैं और उनसे जारी विवाद के कारण ही कैप्टन को इस्तीफा देना पड़ा है. लेकिन दोनों के बीच विवाद कैसे शुरू हुआ, इसकी पूरी कहानी समझते हैं...
पंजाब कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) और कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) के बीच तनातनी काफी लंबे वक्त से जारी थी. दोनों के बीच लगातार जुबानी जंग चलती ही रहती थी. सिद्धू काफी वक्त से अमरिंदर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते आ रहे थे और जब उन्हें पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) का अध्यक्ष बना दिया तो उसके बाद अमरिंदर के कामकाज पर सवाल और उठाए जाने लगे. नतीजा ये हुआ कि इससे अमरिंदर सिंह 'अपमानित' महसूस करने लगे और शनिवार को उन्होंने इस्तीफा दे दिया.

काशी के मणिकर्णिका घाट पर इन दिनों कायाकल्प का काम चल रहा है, जिसको लेकर तोड़फोड़ और मूर्तियों के नुकसान के आरोपों पर सियासी घमासान मचा हुआ है. सरकार का कहना है कि घाट को विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ नए सिरे से विकसित किया जा रहा है. इसके लिए पहले चरण में 35 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और बड़ा प्लेटफार्म बनाया जाएगा ताकि एक साथ अंतिम संस्कार की बेहतर व्यवस्था हो सके.

पंजाब के बठिंडा में गुरथरी गांव के पास एक फॉर्च्यूनर कार डिवाइडर से टकरा गई, जिससे भीषण हादसा हुआ. इसमें पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक महिला पुलिस कांस्टेबल भी शामिल है. सभी गुजरात के रहने वाले थे और घूमने आए थे. सुबह के कोहरे को हादसे की वजह बताया जा रहा है. पुलिस जांच कर रही है और शवों को बठिंडा सरकारी अस्पताल में भेजा गया है.

बीएमसी चुनाव में करारी हार के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे पर हमला बोला. नवनिर्वाचित नगरसेवकों को संबोधित करते हुए उन्होंने हार के कारणों पर खुलकर बात की और बीजेपी-शिवसेना शिंदे गुट पर निशाना साधा. ठाकरे ने कहा कि सत्ता, पैसा और दबाव से लोग तोड़े जा सकते हैं, लेकिन जमीनी शिवसेना और कार्यकर्ताओं की निष्ठा को कभी खरीदा नहीं जा सकता.

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्धार कार्य के दौरान ऐतिहासिक चबूतरे और अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को बुलडोजर से ढहाए जाने के बाद लोगों के गुस्सा फूट पड़ा है. हालांकि, वाराणसी के मेयर और क्षेत्रीय विधायक ने मणिकर्णिका घाट पहुंचे इस मामले पर सफाई भी दी है. इसी बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी भी वारासणी पहुंच गए हैं.

AAP की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी पर सिख गुरुओं के अपमान का मामला तेजी से बढ़ता जा रहा है. दिल्ली विधानसभा की ओर से आतिशी को नोटिस जारी किया गया है और उनसे 19 जनवरी तक लिखित जवाब मांगा गया है. स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी का वीडियो जांच के लिए फॉरेंसिक लेबोरेटरी (FSL) को भेजा गया था. अब FSL की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसके आधार पर नोटिस दिया गया है.








