
इमरान खान को उनके ही दूतावास ने किया बेपर्दा, पूरी दुनिया के सामने हुए शर्मसार
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पाकिस्तान में महंगाई और पस्त होती अर्थव्यवस्था अब भयानक रूप लेती जा रही है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान में सिर्फ आमजन ही नहीं बल्कि खास अधिकारियों के हालात भी महंगाई के चलते जबरदस्त रूप से प्रभावित हो रहे हैं. ऐसा ही कुछ एक वीडियो के सहारे देखने को मिला है. सर्बिया में मौजूद पाकिस्तान की एंबेसी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट किया गया है. इस ट्वीट में एक शख्स इमरान खान के बयान 'आपने घबराना नहीं है' पर कटाक्ष करते हुए पाकिस्तान के बदतर हालातों पर अपनी राय रख रहा है.
पाकिस्तान में महंगाई और पस्त होती अर्थव्यवस्था अब भयानक रूप लेती जा रही है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान में सिर्फ आमजन ही नहीं बल्कि खास अधिकारियों के हालात भी महंगाई के चलते जबरदस्त रूप से प्रभावित हो रहे हैं. सर्बिया में मौजूद पाकिस्तान की एंबेसी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट किया गया है जिसमें कर्मचारियों को वेतन ना मिलने की बात कही गई है. इस ट्वीट में एक वीडियो भी पोस्ट किया गया है जिसमें इमरान खान के बयान 'आपने घबराना नहीं है' पर कटाक्ष किया गया है. पाकिस्तानी दूतावास के अकाउंट से हुए इस ट्वीट ने इमरान खान सरकार सरकार की नाकामी को पूरी दुनिया के सामने ला दिया है. With inflation breaking all previous records, how long do you expect @ImranKhanPTI that we goverment official will remain silent & keep working for you without been paid for past 3 months & our children been forced out of school due to non payment of fees Is this #NayaPakistan ? pic.twitter.com/PwtZNV84tv Pakistani embassy in Serbia posted this video showcasing the economic whirlpool that #Pakistan has fallen into. It's official beizzati of Pakistan par #AapneGabranaNahi 😂 pic.twitter.com/YkTcmz9viS "With inflation breaking all previous records, how long do you expect Imran Khan that we govt officials will remain silent&keep working for you without been paid for past 3months&our children been forced out of school due to non-payment of fees": Pakistan Embassy, Serbia pic.twitter.com/hWloJP7Gb2

अमेरिका और ईरान में इस समय टकराव देखने को मिल रहा है. अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. हालांकि, अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लगातार धमकियों के बावजूद ईरान पर सीधे हमले से क्यों बच रहा अमेरिका? देखें श्वेतपत्र.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. वहीं अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल के आठ प्रमुख शहरों पर हमले की योजना तैयार की है. इस बढ़ती तनाव की स्थिति से मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे और बढ़ सकते हैं.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.

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