
इजरायल की ओर जा रही थी यमन की हाइपरसोनिक मिसाइल, फिर...
AajTak
यमन के हूती विद्रोही भी लगातार इजरायल पर हमला कर रहे हैं. 7 अक्टूबर 2024 की रात भी उन्होंने हमला किया. इस बार उन्होंने अपनी नई हापरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया. साथ ही जुल्फिकार मिसाइल का भी. हूतियों का दावा है कि उनकी मिसाइलें टारगेट तक पहुंचीं. इजरायल ने कहा हवा में बर्बाद कर दीं. सच क्या है?
यमन ने इजरायल पर हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल Palestine-2 से हमला किया. मध्य इजरायल में सायरन बजने लगे. इस मिसाइल के साथ जुल्फिकार (Dhu Al-Fiqar) मिसाइल से भी हमला किया गया. पूरे मध्य इजरायल में हड़कंप मच गया. लोग छिपने लगे. भागने लगे.
यह भी पढ़ें: रूस ने अपनी Iskander बैलिस्टिक मिसाइल ईरान को दी! इजरायल के लिए मुसीबत
यहां देखिए यमन के नई मिसाइल का Video
इसके बाद इजरायल के एरो एयर डिफेंस सिस्टम ने इस हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल को वायुमंडल के ऊपर ही खत्म कर दिया. जिसके जलते हुए टुकड़े जब इजरायल के ऊपर आए तो सायरन काफी देर तक बजता रहा. लोगों को लगा कि मिसाइलें गिर रही हैं. हूतियों का कहना है कि उन्होंने दो मिसाइलें दागीं. दोनों जाफा और इलात के मिलिट्री टारगेट पर गिरी हैं. जुल्फिकार मिसाइल कहां गिरी, इसकी डिटेल यमन ने नहीं दी.
हूतियों ने पिछले एक साल में इजरायल के ऊपर 220 से ज्यादा बैलिस्टिक, क्रूज मिसाइलें और ड्रोन्स दागे हैं. इनका हमला ज्यादातर दक्षिणी इजरायली शहर इलात में होता है. इजरायल ने कहा कि हूतियों ने तीन मिसाइलें दागी थीं, दो को हवा में नष्ट कर दिया गया. तीसरी खुले इलाके में गिरी.
यह भी पढ़ें: क्या Iran ने सच में किया परमाणु परीक्षण... या भूकंप आया, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

E30 Petrol: ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग 20% से बढ़ाकर 30% तक करने की मांग की है. इसके अलावा डीजल में भी एथेनॉल ब्लेंडिंग की संभावनाओं को तलाशने की बात कही जा रही है. सरकार पहले की कह चुकी है कि, एथेनॉल ब्लेंडिंग के चलते भारत ने करोड़ो बैरल कम तेल आयात किया है.

वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चतुरंगिणी सेना सभा का गठन कर 27 सदस्यों की टीम बनाई और ‘रोको, टोको, ठोको’ का नारा दिया. माघ मेले की घटना के बाद शुरू हुई पहल में 10 महीने में भर्ती व प्रशिक्षण का खाका तैयार होगा. उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य सनातन प्रतीकों की रक्षा और समाज में सुरक्षा का भाव मजबूत करना है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. इसके साथ ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत पर के नतीजे पर आगे का फैसला होगा. वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है.










