
आ गई नई मारुति Alto K10, नया लुक-दमदार फीचर, चार लाख से भी कम है कीमत
AajTak
ऑल्टो मारुति सुजुकी की ही नहीं बल्कि देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है. साल 2000 में पहली बार लॉन्च होने के बाद कंपनी ऑल्टो के कई अपडेट बाजार में उतार चुकी है. भारतीय बाजार में इसकी बनी-बनाई लोकप्रियता को भुनाने के लिए मारुति सुजुकी ने दो साल पहले बंद हुई ऑल्टो के10 को नए कलेवर के साथ फिर से लॉन्च किया है...
देश की सबसे बड़ी यात्री कार कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने All New Alto K10 2022 आज गुरुवार को लॉन्च कर दी. मारुति सुजुकी की ऑल्टो भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है. कंपनी ने 2020 में ऑल्टो के10 का प्रोडक्शन बंद कर दिया था और अब इसे नए अपडेटेड वर्जन में उतारा गया है. इस कारण लोग मारुति ऑल्टो के10 के नए वर्जन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. मारुति सुजुकी ऑल्टो के10 की एक्स-शोरूम कीमत 3.99 लाख रुपये से शुरू है.
मारुति सुजुकी के भारत में 40 साल पूरे
मारुति सुजुकी इंडिया के मैनेजिंग डाइरेक्टर एवं सीईओ हिसाशी ताकेयूची ने इस मौके पर बताया कि उनकी कंपनी को भारत में परिचालन शुरू किए 40 साल पूरे हो गए हैं. इस कारण साल 2022 मारुति सुजुकी के लिए खास है. उन्होंने कहा कि जब कार को सिर्फ अमीर लोगों की चीज माना जाता था, तब मारुति ने कम कीमत वाली कारें लॉन्च की. उन्होंने कहा कि छोटी कारों ने भारत को दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कार बाजार बनने में मदद की. भारत में अब भले ही एसयूवी की डिमांड बढ़ी है, पर अभी भी बड़ी संख्या में लोग हैचबैक को पसंद करते हैं. इसी कारण हम ऑल्टो का नया वर्जन लॉन्च कर रहे हैं. यह साल 2020 तक लगातार 16 साल सबसे ज्यादा बिकने वाली कार रही है.
हर घंटे 100 ऑल्टो की बिक्री
ताकेयूची ने बताया कि इस कार में इसमें 1.0 लीटर के-सीरिज डुअल जेट, डुअल वीवीटी इंजन है, जो 24.9 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देने में सक्षम है. कंपनी के सीनियर एक्सीक्यूटिव डाइरेक्टर (मार्केटिंग एंड सेल्स) शशांक श्रीवास्तव ने इस मौके पर कुछ दिलचस्प आंकड़े शेयर किया. उन्होंने बताया कि पिछले 22 साल के दौरान हर घंटे 100 ऑल्टो की बिक्री हुई है. अभी तक इसकी 43 लाख से ज्यादा यूनिट बिक चुकी है. उन्होंने भारतीय कार बाजार की संभावनाओं को लेकर कहा कि भारत में अभी प्रति 1000 लोगों पर सिर्फ 32 कारें हैं, जबकि अमेरिका में यह औसत 800 से ज्यादा है.
अपने हिसाब से करें कस्टमाइज

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









