
आतंकी हमले में अलवर का जाबांज शहीद, श्रीनगर में मुठभेड़ से पहले परिवार से की थी बात
AajTak
Alwar Sher Singh Jatav: राजस्थान के अलवर के शेर सिंह जाटव श्रीनगर में आंतकियों से लोहा लेते हुये शहीद हो गये हैं. वह सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे.
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में हुए आतंकी हमले में राजस्थान का एक और वीर सपूत शहीद हो गया. अलवर जिले के रहने वाले शेर सिंह जाटव आंतकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हो गये हैं. वह सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे. शेर सिंह के शहीद होने की सूचना जैसे ही पहुंची, गांव में शोक की लहर दौड़ गई. बता दें कि अलवर जिले के खेड़ली कस्बे के समूची गांव निवासी शेर सिंह जाटव आतंकियों से लोहा लेते हुए बुधवार को शहीद हो गए. उनके शहीद होने की सूचना घर पहुंचने के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. पत्नी और बेटे बिलख-बिलख कर रो रहे हैं. गांव में भी माहौल गमगीन बना हुआ है.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









