
आज से संसद का बजट सत्र, Adani और BBC डॉक्यूमेंट्री के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष
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संसद का बजट सत्र मंगलवार से शुरू हो रहा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक के संबोधित करेंगी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी, 2023 को वित्त वर्ष 2023-24 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इस दौरान विपक्षी दलों ने सरकार को अडाणी समूह, बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री सहित तमाम मुद्दों पर घेरने की पूरी तैयारी कर रखी है.
संसद का बजट सत्र आज यानी मंगलवार से शुरू हो रहा है जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी, 2023 को वित्त वर्ष 2023-24 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. उससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपना पहला अभिभाषण देंगी. बजट सत्र के दौरान सरकार की नजर राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और वित्त वर्ष 2023-24 के आम बजट आदि पर सुचारू रूप से चर्चा कराने पर रहेगी तो वहीं, विपक्षी दलों ने अडाणी समूह, बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के मामले पर केंद्र सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है.
विपक्ष ने महंगाई, रोजगार, चीन के साथ सीमा विवाद, अर्थव्यवस्था, सेंसरशिप सहित अन्य मुद्दों पर सरकार घेरने की तैयारी कर ली है. अडाणी समूह से जुड़ा विषय, कुछ राज्यों में राज्यपालों के कामकाज, जाति आधारित गणना, महंगाई, बेरोजगरी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने के स्पष्ट संकेत दिए हैं. ऐसे में बजट सत्र के हंगामेदार रहने की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है.
संसद का यह बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होकर छह अप्रैल तक चलेगा. इस दौरान बीच में करीब एक माह का अवकाश भी रहेगा. बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा और दूसरा चरण 13 मार्च से शुरू होकर छह अप्रैल तक चलेगा. करीब 66 दिन लंबे इस पूरे सत्र के दौरान कुल 27 बैठकें होंगी. इस दौरान वित्त मंत्री 2023-24 का बजट पेश करेगी तो सरकार की कोशिश संसद में लटके विधेयकों को पास करने पर जोर होगा. राज्यसभा में 26 और लोकसभा में नौ विधेयक पारित होने की प्रतीक्षा में है.
केंद्र सरकार ने बजट सत्र से पहले विभिन्न विषयों पर आम राय बनाने के लिए सोमवार को सियासी दलों के सदन के नेताओं की सर्वदलीय बैठक किया, जिसमें में 27 दलों के 37 नेताओं ने भाग लिया था. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संसद की कार्रवाई का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए यह बैठक बुलाई. बैठक में एमसीपी, टीएमसी समेत कई दल शामिल हुए थे.
अडानी से बीबीसी का मुद्दा छाया रहेगा
कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियां फिलहाल विदेशी एजेंसी द्वारा भारतीय पूंजीपति अडानी के खिलाफ जारी की गई रिपोर्ट और बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को भारत सरकार द्वारा बैन किए जाने के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है. वामपंथी दल और आरजेडी ने भारत में बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को बैन करने और अडानी के खिलाफ विदेशी एजेंसी की रिपोर्ट के साथ-साथ भारत सरकार की आर्थिक नीतियों पर सरकार को घेरेगी. आरजेडी की ओर से महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा भी सदन में उठाया जाएगा.

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